अपर निदेशक स्वास्थ्य कार्यालय में पूरे लॉक डाउन के दौरान नहीं रहा इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर और पल्स ऑक्सिमीटर

भगवान भरोसे रहे इस कार्यालय में आने जाने वाले लोग
अपर स्वास्थ्य निदेशक जगदीश गुप्ता बोले कल ही आए हैं दोनों सामान
कोरोना महामारी से लड़ने का मूल विभाग है स्वास्थ्य विभाग
अनिल शर्मा +संजय श्रीवास्तव+डॉ. राकेश द्विवेदी
झाँसी: जब पूरा देश कोरोना महामारी से लड़ रहा हो और उसकी आगे की पंक्ति में स्वास्थ्य विभाग हो। ऐसे समय में झांसी मंडल का अपर स्वास्थ्य निदेशक कार्यालय झांसी इसका अनूठा उदाहरण है। इस कार्यालय में 25 मार्च को जब से कोरोना महामारी को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन लागू हुआ। तब से इस कार्यालय में आने जाने वाले के लिए ना तो उसका बुखार मापने के लिए इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर था नाही पल्स मापने वाला ऑक्सीमीटर। यहां तक की अपर निदेशक स्वास्थ्य की टेबल पर एक सैनिटाइजर की बोतल जरूर रखी रहती थी। लेकिन आने जाने वालों को उस बोतल से या कार्यालय में अन्य बोतल से सेनीटाइज नहीं किया जाता था। यह सिलसिला यहीं नहीं थमा दूसरे लॉकडाउन तीसरे लॉकडाउन यानी लगभग 3 महीने से ज्यादा तक चलता रहा। सैकड़ों लोग विभागीय कर्मचारी अधिकारी भी इस कार्यालय में काम से आते रहे और जाते रहे। लेकिन किसी को भी इस कार्यालय में ना तो अपना टेंपरेचर नापने की जरूरत पड़ी और ना ही पल्स के बारे में किसी ने जानकारी रखने की जरूरत समझी। हालत यह है की कोरोना महामारी के चलते कोई छोटी सी दुकान कोई ढाबा ऐसा नहीं है कोई प्राइवेट या अधिकांश सरकारी विभाग ऐसे नहीं हैं जहां सैनिटाइजर से घुसते ही व्यक्ति को सैनिटाइज ना किया जाता हो। हद तो यह है कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग मूल विभाग है। जहां से कोरोना महामारी से निपटने के लिए सारी तैयारियां और बीमारी के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाती है। लेकिन शायद पूरे देश में अपर निदेशक स्वास्थ्य कार्यालय पहला कार्यालय होगा जहां इन तीनों चीजों की व्यवस्था आने और जाने वाले के लिए नहीं है। इस संबंध में यंग भारत ने जब अपर निदेशक स्वास्थ्य झांसी मंडल जगदीश गुप्ता से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बड़ी मासूमियत से बताया कि पूरे लॉक डाउन के दौरान उनके कार्यालय में ना तो इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर था ना पल्स ऑक्सिमिटर था। रही बात सैनिटाइजर की तो उसकी अक्सर जरूरत नहीं पड़ती थी। अपर निदेशक डॉ गुप्ता ने बड़ी मासूमियत के साथ बताया के लॉक डाउन गुजर जाने के बाद और एक अनलॉक के बाद कल 30 जून को यह दोनों सामान उनके कार्यालय में विभाग की ओर से भेजे गए हैं।