अर्धनग्न श्रमदानियों ने घरार नदी में खड़े होकर सूर्य भगवान से अधिकारियों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की

अगर 7 जुलाई तक जांच रिपोर्ट नहीं आयी तो 8 से श्रमदानी मुख्यमंत्री से न्याय मांगने ग्राम भांवरपुर से लखनऊ तक पैदल मार्च करेंगे
अनिल शर्मा+संजय श्रीवास्तव+डॉ. राकेश द्विवेदी
भांवरपुर(बाँदा): आज भांवरपुर के श्रमदानियों ने घरार नदी में अर्धनग्न खड़े होकर सूर्य भगवान को जल चढ़ाते हुए प्रार्थना की कि वे बाँदा के ग्राम विकास विभाग के अधिकारियों को सद्बुद्धि दें। इसके बाद श्रमदानियों ने वहीं घरार नदी के तट पर बैठक की। श्रमदान की समीक्षा की गई। इस दौरान बैठक की अध्यक्षता कर रहे श्रमदानी राम सजीवन ने कहा कि प्रशासन ने हमे 6 जुलाई तक जांच टीम की रिपोर्ट देने को कहा है। लेकिन अभीतक हमे जांच टीम की जानकारी नहीं दी गयी है। ना ही अभी तक जांच टीम जांच के लिए यहां आयी है। उन्होंने बैठक में प्रस्ताव रखा कि यदि 7 जुलाई तक यह जांच रिपोर्ट श्रमदानियों को अगर नहीं मिली तो श्रमदानी 8 जुलाई को फिर से ग्राम भांवरपुर बाँदा से लखनऊ तक मुख्यमंत्री से न्याय मांगने के लिए पैदल मार्च करेंगे। तथा लखनऊ में तबतक डेरा डालेंगे जबतक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट ना हो जाये। वे मुख्यमंत्री को घरार नदी पर हुए श्रमदान और ग्राम विकास विभाग के अधिकारियों की मनमानी की जानकारी देंगे। श्रमदानी राम सजीवन के इस प्रस्ताव को बैठक में उपस्थित सभी श्रमदानियों ने अपने हाथ उठाकर तथा तालियां बजाकर सर्वसम्मति से पारित किया। इस बैठक में यह भी तय हुआ कि इस बार श्रमदानी लखनऊ मार्च के लिए 52 महिला, पुरुष श्रमदानियों के अलावा अन्य ग्रामों के श्रमदानी भी हिस्सेदारी करेंगे। यह निर्णय बैठक में श्रमदानियों ने सर्वसम्मति से लिया। बैठक की अध्यक्षता श्रमदानी राम सजीवन ने की। जबकि बैठक में प्रसिद्ध समाजसेवी राजा भैया के अलावा श्रीमती बबिता, रानी, चंदा, ललिता, बृज रानी, सिया प्यारी, आशा, चम्पा, रंची, पुनीता, रूकिया, राजा बाई, रुक्मणी, प्रेमा, सुखनंदन, नत्थू प्रसाद, अयोध्या, रीमा राजपूत सहित सभी श्रमदानी मौजूद थे।