आखिर क्यों मनाते हैं रक्षा बंधन क्या है इसके मनाने के पीछे के कारण

उरई (जालौन)। श्रावण मास के अंतिम दिन अमावस्या पर बहन भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध कर उसकी लम्बी आयु की कामना करती है बदले में भाई भी अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देता है।
इस त्योहार पर भारतीय सिनेमा ने भी कई फिल्में और गाना बनाऐ जिन्हें आज के दिन गुनगुनाने में अलौकिक आनंद की अनुभूति होती है।
आखिर क्या है इस त्योहार को मनाने के कारण और क्यों तथा कब से मनाया जाता है रक्षाबंधन का त्यौहार। इसके पीछे कई लोकोक्तियां है प्रमुख रूप से जो अधिक प्रचलित है उनको बताते हैं ये त्योहार भारत के अलावा नेपाल में भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मानाया जाता है।एक समय राजा बलि और भगवान विष्णु में युद्ध हुआ एक बार नहीं तीन बार और तीनों बार बलि राजा ने विष्णु जी को परास्त कर उन्हें बंधक बना लिया।जिस पर विचलित मां लक्ष्मी अपने पति भगवान विष्णु को राजा वलि की कैद से मुक्त कराने जाती है और उनकी कलाई पर रक्षा कवच बांध भाई बनाकर दीर्घायु की कामना करती है बदले में राजा वलि अपनी बहन लक्ष्मी के मांगने पर भगवान विष्णु को मुक्त कर देता है तभी से ये रक्षा बंधन का त्यौहार मनाया जाने लगा । इसके संबंध में एक कथा और सुनी जाती है कि एक बार भगवान श्री कृष्ण पतंग उडा़ रहे थे तब उसकी डोर से कृष्ण जी कलाई कट गई और खून निकलने लगा तब द्रौपदी ने अपनी सारी का पल्लू फाड़ कर भगवान की कलाई पर बांधा भगवान बहुत प्रसन्न हुए और द्रोपदी जी की रक्षा का वचन दिया और निभाया भी जब महाभारत काल में कौरवों द्वारा द्रोपदी का चीर हरण किया जा रहा था तब भगवान श्रीकृष्ण ने उनका चीर बढ़ा कर उनकी रक्षा की।
इस तरह अन्य कई लोकोक्तियां है भाई बहन के इस पवित्र त्यौहार की पर आज का दिन भाई बहन के पवित्र रिश्ते को प्रदर्शित करने वाले इस त्योहार को भारत में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

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