उज्जैन पुलिस ने आठ घंटे की पूछताछ के बाद विकास दुबे को किया यूपी एसटीएफ के हवाले

पुलिस के देखते ही चिल्लाने लगा मोस्ट वांटेड कि मैं विकास दुबे हूँ कानपुर वाला
सरकार पूरी तरह फेल- प्रियंका गांधी
पुलिस बताए यह गिरफ्तारी है या सरेंडर?- अखिलेश यादव
लखनऊ में एसटीएफ ने विकास की पत्नी ऋचा, उसके बेटे और नौकर को लिया अपने कब्जे में
गिरफ्तारी के बाद पुलिस विकास दुबे को अज्ञात स्थान पर ले गई।
विकास ने मोबाइल पर वीडियो भी बनाये
उज्जैन का शराब कारोबारी भी हिरासत में
अनिल शर्मा+संजय श्रीवास्तव+डॉ. राकेश द्विवेदी
भोपाल: गिरफ्तारी के करीब 12 घंटे बाद उज्जैन पुलिस ने साफ किया कि विकास दुबे को यूपी एसटीएफ के हवाले कर दिया गया है। लेकिन, इस बात की जानकारी देने के लिए सामने आए उज्जैन के एसपी मनोज कुमार उस वक्त सवालों के घेरे में आ गए, जब उन्होंने कहा कि विकास के खिलाफ उज्जैन में केस दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई पारदर्शी तरीके से की गई है। हमने कानपुर पुलिस और एसटीएफ से बातचीत और तस्दीक के बाद विकास को उनके सुपुर्द किया है। हमने 8 घंटे उससे पूछताछ की है।
पहले यह खबर आ रही थी कि उसे यूपी एसटीएफ चार्टर्ड प्लेन से लेकर रवाना हो गई। फिर यह सूचना आई कि उसे सड़क के रास्ते ले जाया जाएगा।
गिरफ्तारी के वक्त चिल्लाया था हिस्ट्रीशीटर- विकास दुबे हूं, कानपुर वाला
विकास दुबे को गुरुवार सुबह उज्जैन मंदिर में करीब 9 बजे गिरफ्तार किया गया था। डरा हुआ हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तारी के वक्त चिल्ला रहा था कि मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला। इसके बाद पुलिस उसे पहले महाकाल थाना, पुलिस कंट्रोल रूम, नरवर थाना और फिर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर लेकर गई। यहां उससे करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। इस बीच, खबर आ रही है कि विकास की पत्नी ऋचा, उसके बेटे और नौकर को लखनऊ में हिरासत में लिया गया है।
उज्जैन का शराब कारोबारी भी हिरासत में
उज्जैन पुलिस ने लखनऊ के दो वकीलों को भी हिरासत में लिया है। ये अपनी निजी गाड़ी से वहां पहुंचे थे। इसके अलावा, उज्जैन में विकास को ठिकाना देने वाला एक शराब कारोबारी, उसका मैनेजर और दो अन्य लोग हिरासत में लिए गए हैं। इनसे पूछताछ की जा रही है।
विकास ने अपने मोबाइल पर वीडियो भी बनाए
विकास ने गिरफ्तारी से पहले अपने मोबाइल पर कुछ वीडियो भी बनाए। इसके बाद जवानों ने उसे पकड़ लिया। एग्जिट मार्ग से बाहर ले जाकर चौकी में बैठा दिया। इसके बाद पुलिस के अफसरों को जानकारी दी। बाद में पुलिस उसे अज्ञात स्थान पर ले गई।
विकास की गिरफ्तारी की 4 बातें सामने आईं
1. ऐसा कहा जा रहा है कि वह खुद सरेंडर करने गया था।
2. उज्जैन के कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा, ‘विकास सुबह 8 बजे मंदिर परिसर के बाहर एक दुकान पर पहुंचा। उसने दुकानदार सुरेश से पूछा कि दर्शन के लिए रसीद कहां मिलती है। सुरेश को उस पर शक हुआ तो उसने महाकाल मंदिर की सिक्योरिटी को जानकारी दी। सिक्योरिटी ने उस पर नजर रखी। शक होने के बाद उससे पूछताछ की और आईडी कार्ड मांगा। विकास ने फर्जी आईडी कार्ड दिखाया, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने भागने की कोशिश की।
3. विकास को पकड़वाने वाले सिक्योरिटी गार्ड गोपाल सिंह ने बताया, ‘‘मैंने शक होने पर उसे पूछताछ के लिए रोका तो वह आनाकानी करने लगा। मुझे और ज्यादा शक हुआ, तो मैंने पुलिस को बुलाया। इस पर उसने मेरे साथ झूमाझटकी की। थोड़ी देर में पुलिस आई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।’’
4. विकास ने गुरुवार सुबह बाबा महाकाल के दर्शन के लिए वीआईपी एंट्री के लिए 250 रुपए की रसीद कटवाई। इस दौरान उसने अपना सही नाम विकास दुबे ही लिखवाया। इसके बाद वह महाकाल बाबा के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में पहुंचा। दर्शन के बाद विकास वहां मौजूद जवानों के पास गया और बोला कि मैं कानपुर वाला विकास दुबे हूं, मुझे पकड़ लो।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास की गिरफ्तारी पर मध्यप्रदेश पुलिस को शाबासी दी। उन्होंने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि विकास को उत्तरप्रदेश पुलिस को हैंडओवर किया जाएगा। दोनों राज्यों की पुलिस इस पर काम कर रही है।
7 दिन में विकास दुबे गैंग के 5 बदमाशों का एनकाउंटर
इससे पहले बुधवार देर रात विकास दुबे के एक और करीबी प्रभात मिश्रा मारा गया। प्रभात को पुलिस ने बुधवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ले जा रही थी। रास्ते में प्रभात ने भागने की कोशिश की, उसने पुलिस की पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रभात मारा गया।
पुलिस ने बुधवार को ही विकास के करीबी अमर दुबे का भी एनकाउंटर कर दिया था। अमर हमीरपुर में छिपा था। अब तक विकास गैंग के 5 लोग एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।