उरई में सरे शाम गला काटकर निर्मम हत्या से शहर में फैली सनसनी

पति को मायके वालों के हाथों गवा चुकी महिला सिपाही रिंकी एवम उसका बिना बाप का हो गया 6 माह का पुत्र शिवा राजपूत।

नए एसपी के कार्यकाल में हुआ पहला सबसे चुनौती पूर्ण कांड

नफरत से धधकते प्रेम सिंह ने बुझा ली बदले की आग दामाद के खून से

अनिल शर्मा+संजय श्रीवास्तव

उरई(जालौन): महिला सिपाही पुत्री द्वारा मायके वालों की इच्छा के विरुद्ध प्रेम विवाह कर लेने से पिता और भाई के कलेजे में जो आग धधक रही थी उसे गुरुवार की शाम दामाद की गर्दन काटकर बर्बर हत्या करके बुझाया।

उरई शहर में गुरुवार की देर शाम महिला सिपाही रिंकी देवी राजपूत के किराये के मकान पर उसके पिता, भाई एवम मामा पहुंचे। और अपने दामाद के साथ बैठकर शराब नोशी की। योजना बद्ध ढंग से 27 वर्षीय मनीष राजपूत को ज्यादा शराब पिलाई और खुद कम पी। मनीष जब नशे में धुत हो गया तो उसका ससुर प्रेम सिंह राजपूत, साला अंकित राजपूत तथा मामा उस पर दुश्मनों की तरह टूट पड़े। स्वयं ससुर ने चाकू निकालकर दामाद की गर्दन पर बदहवासी में इस कदर वार किए कि चाकू टूट तक गया। दामाद के प्रति नफरत से सराबोर ससुर और साले ने बांका निकाला और मनीष राजपूत पर ताबड़तोड़ तबतक वार करते रहे। जबतक की उसके प्राण नहीं निकल गए। अपनी मर्जी के विरुद्ध बेटी से प्रेम विवाह करने वाले दामाद को हत्यारों ने मृतक को उसके खून से नहलाकर अपने कलेजे में धधक रही आग को ठंडा किया। तबतक शोर गुल सुनकर शिवपुरी मोहल्ले के निवासी दौड़े दौड़े आये और हत्यारों को रंगे हाथों दबोच लिया और पुलिस को सूचना दे दी। शहर कोतवाल जे.पी. पाल ने यह सूचना पाकर तेजी दिखाई और अपने फोर्स के साथ तत्काल मौके पर पहुंचकर हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह।

इस वीभत्स और निर्मम हत्याकांड की पृष्ठ भूमि में पुलिस तो कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। किंतु छन-छन कर मिली जानकारी के अनुसार मुख्य हत्यारे प्रेम सिंह राजपूत के दिल मे उसी दिन नफरत की ज्वाला धधक उठी थी। जब उसकी बेटी उरई में तैनात महिला सिपाही ने सजातीय युवक 27 वर्षीय मनीष राजपूत से मायके वालों की परवाह किये बिना प्रेम विवाह कर लिया था। हालांकि दोनों सजातीय थे किंतु रिंकी देवी के पिता और भाई को यह शादी कतई गवारा नहीं थी। तब वे खून का घूंट पीकर रह गए थे। रिंकी देवी के एक 6 माह का पुत्र भी है। किंतु इसके बावजूद भी रिंकी के मायके वालों की नफरत ठंडी नहीं पड़ी। और वे अपने ही दामाद के खून के प्यासे बने रहे। गुरुवार की शाम लगभग 5 बजे रिंकी के पिता, भाई एवम मामा नफरत को मन मे दबाकर ऊपरी तौर पर सामान्य भाव प्रदर्शित करते हुए लड़की और दामाद के घर आये। और मनीष को नशा कराकर धार दार हथियारों से ताबड़तोड़ प्रहार करके मौत के घाट उतार दिया। इस लोमहर्षक घटना को देख और सुनकर शहर वासियों का दिल भी दहल गया।

सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। और अदिनस्थों को कड़ी कार्यवाही के आदेश दिए। जब मीडिया कर्मियों ने इस चुनौती पूर्ण घटना के बाबत उनसे जानकारी चाही तो पीआरओ ने बताया कि एसपी साहब ने इसके लिए सीओ सिटी संतोष कुमार को अधिकृत किया है। किंतु बारम बार फोन मिलाने के बावजूद सीओ सिटी संतोष कुमार ने न तो प्रमुख पत्रकारों के फोन उठाये। तथा न ही घटना के संबंध में मीडिया को कोई जानकारी उपलब्ध कराई। मीडिया से मुह छिपाने का कारण यही है कि पुलिस को चुनौती देने वाली जिला मुख्यालय में सरे शाम हुई इस सनसनी खेज घटना के घटित हो जाने के बाद सीओ सिटी संतोष कुमार का मुह मीडिया का सामना करने लायक ही नहीं रह गया था।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126