कमिश्नर ने पुराने चैक डेम को तोड़े जाने पर दिए जांच के आदेश

कमिश्नर ने यंग भारत से की वार्ता
ललितपुर जनपद के ब्लॉक ताल बेहट की ग्राम पंचायत चुरावनी के एवनी गांव में बरुआ नदी पर सात साल पहले बना था चैक डेम
बीते माह मार्च में साजिश करके तोड़ा गया
आनन फानन में पुराने चैक डेम से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर 31 लाख की लागत से लघु सिंचाई विभाग ने बना दिया नया चैक डेम
प्रत्येक ग्राम प्रधान को भूसा खरीदने के लिए मिलेगा 1 लाख रुपए का बजट
अनिल शर्मा+संजय श्रीवास्तव+डॉ. राकेश द्विवेदी
झाँसी: झाँसी मण्डल के कमिश्नर सुभाष शर्मा ने ललितपुर जनपद के ब्लॉक ताल बेहट में ग्राम पंचायत चुरावनी के गांव एवनी में लघु सिंचाई विभाग द्वारा 7 साल पूर्व बरुआ नदी पर बनाय गए चैक डेम को कुछ महीने पूर्व योजना बद्ध तरीके से तोड़ दिए जाने की जांच कराने के आदेश दिए हैं। आज यंग भारत से विशेष वार्ता मे मंडलायुक्त ने यह जानकारी दी।
मालूम हो कि लघु सिंचाई विभाग ने एवनी गांव में बरुआ नदी पर एक चैक डेम बनाया था। जिससे लगभग 50 एकड़ जमीन की सिचाई होती थी। इसमे लगभग 10 लाख रुपये लागत आयी थी। लेकिन योजना बद्ध तरीके से बीते माह मार्च में इस चैक डेम को अज्ञात लोगों द्वारा तोड़ा गया। इसके बाद बुंदेलखंड पैकेज से 31 लाख की लागत से लघु सिंचाई विभाग ने पुराने चैक डेम से सिर्फ 100 मीटर दूर एक नया चैक डेम बना दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नए चैक डेम के निर्माण में ठेकेदारों ने पुराने चैक डेम के मटेरियल का इस्तेमाल कर लिया। चैक डेम बनाने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पुराने चैक डेम में मात्र 2 लाख रुपए खर्च किये जाते। तो पुराने चैक डेम की आसानी से मरम्मत हो जाती। और नया चैक डेम बनाने की ज़रुरत भी नहीं पड़ती। चर्चा ये है कि बुंदेलखंड पैकेज में मिले विशाल बजट से मोटी कमीशन बाजी के चक्कर मे इस चैक डेम का आनन फानन में निर्माण कराया है। जब इस बात की जानकारी झाँसी मण्डल के आयुक्त सुभाष शर्मा को हुई। तो आज उन्होंने तत्काल प्रभाव से पुराने चैक डेम को तोड़े जाने की जांच ललितपुर के सीडीओ को दे दी। उन्होंने सीडीओ से यह भी कहा कि आखिर जो चैक डेम 2 लाख रुपए में रिपेयर हो सकता था। उसकी जगह 31 लाख रुपए की लागत का नया चैक डेम क्यों बनाया गया। इस योजना बद्ध साजिश की भी वो जांच करें। एक सवाल के जवाब में कमिश्नर श्री शर्मा ने यंग भारत को बताया तमाम जगह से शिकायत आ रही थी कि गौशालाओं मे गायों को दोपहर में चरने के लिए छोड़ दिया जाता है। तथा तमाम गौशालाओं मे गायों के मरने की भी शिकायतें आ रही थीं। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक ग्राम प्रधान को 1 लाख रुपए का बजट भूंसा खरीदने के लिए दिया है। ताकि वो इस बजट से बरसात के पहले भूंसा खरीद के स्टोर कर लें। ताकि किसी गौशाला में किसी गाय को बरसात के मौसम में भूंसे का अभाव न रहे।