कानपुर में खूंखार विकास दुबे ने खेली पुलिस के खून से होली

दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के गैंग ने दबिश के दौरान बिछा दी सीओ सहित आठ वर्दीधारियों की लाशें
पुलिस के आने की सूचना से पूरी तैयारी में थे अपराधी
बिठूर और चौबेपुर का पुलिस दल जैसे ही पहुंचा अपराधियों की ताबड़तोड़ गोलियों ने उन्हें छलनी कर डाला
विकास दुबे पर लगा था थाने के अंदर राज्य मंत्री की हत्या का आरोप
जघन्य अपराधों के 60 मुकदमे हैं विकास दुबे पर
संजय श्रीवास्तव+पवन याज्ञिक+संजय गोस्वामी
कानपुर: चौबेपुर थाने के बिकरु ग्राम में गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्री दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के घर चौबेपुर और बिठूर थाने का पुलिस दल जैसे ही दबिश देने पहुंचा की पुलिस अपराधियों की ताबड़तोड़ गोलियों का शिकार हो गयी। सीओ और दो दरोगा सहित आठ पुलिस वाले गोलियां लगने से खून से रंग गए और गिरकर तड़पने लगे। जिनकी बाद में मौत हो गयी। जबकि एक व्यक्ति सहित सात पुलिस कर्मियों का घायल अवस्था मे उपचार चल रहा है।
प्राप्त विवरण के अनुसार यह दुर्भाग्य पूर्ण घटना बीती रात तब घठित हुई जब पुलिस से निरंतर आंख मिचोली खेलते हुए अपराध करने वाले दुर्दांत विकास दुबे के घर दबिश देने सीओ के नेतृत्व में संगठित पुलिस दल पहुंचा। मगर विकास दुबे को पुलिस के आने की सूचना मिल चुकी थी। अतः उसने और उसके साथियों ने तगड़े फायर पॉवर वाले हथियारों से अपनी छत पर चढ़कर पुलिस दल पर ताबड़तोड़ ढंग से गोलियों की बौछार कर दी। जिसके फलस्वरूप सीओ बिल्हौर देवेन्द्र मिश्रा, थाना प्रभारी शिवराजपुर महेश चंद्र यादव, चौकी इंचार्ज मंधना अनूप कुमार सिंह, एसआई नेबू लाल, सिपाही सुल्तान सिंह, सिपाही राहुल, सिपाही बबलू, सिपाही जितेंद्र गोलियां खाकर बुरी तरह घायल होकर अपने ही खून से नहा गए। इन सभी वर्दीधारियों की मृत्यु हो गयी।
आधी रात के वक्त पुलिस के कत्लेआम की सूचना मिलते ही विभाग के लोगों के तो हांथ पैर फूल गए। तथा पुलिस अधिकारी घटना की गंभीरता से सन्न रह गए। उच्च अधिकारियों सहित पुलिस का बड़ा अमला भारी बंदोबस्त के साथ जब घटना स्थल पर पहुंचा। उससे पूर्व ही विकास दुबे अपने समस्त हमलावर साथियों के साथ पहले ही फरार हो चुका था। आग बबूला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी एच.सी अवस्थी सहित आला अफसरों को बेहद कठोर कार्यवाही करने के सख्त आदेश दिए हैं। पूरे गांव को पुलिस ने छावनी के रूप में तब्दील कर दिया है। बहुत बड़ी संख्या में पुलिस बल चौतरफा तैनात है। पुलिस की फोरेंसिक टीम के अलावा अनेक टीमें घटना स्थल से साक्ष्य समेट रही हैं। घटना स्थल पर प्रदेश के आला अधिकारियों का तांता लगा हुआ है। पुलिस मे उदासी छा गयी है और ग्रामीणों में आतंक।
यहां यह बताना आवश्यक होगा कि पुलिस के लिए काल बना विकास दुबे वही अपराधी है जिसने वर्ष 2001 में शिवली थाने परिसर के अंदर घुसकर तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के अध्यक्ष राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ला की ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या कर दी थी। इस सनसनी खेज मुकदमे से विकास दुबे बरी भी हो चुका है। जबकि उसके ऊपर अभी भी 60 गंभीर अपराधों के मुकदमे चल रहे हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि भाजपा की सरकार में इतनी बड़ी संख्या में पुलिस दल का संहार किसी अपराधी गिरोह के द्वारा किये जाने की यह पहली घटना है।
अपुष्ट ख़बर के अनुसार हिस्ट्री शीटर विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और उसके साथी अतुल दुबे को अभी हुई एक पुलिस मुठभेड़ में मौत के घाट उतार दिया गया है।