कारखास सिपाही के बदलाब न होने से नहीं लग पा रहा सट्टा पर अंकुश

नए शहर कोतवाल के बाद भी पुराने सिपाही की कारखासी बरकरार

उरई (जालौन)। कहा जाता है कि जब भी किसी कोतवाली या थाना में नए कोतवाल या थाना प्रभारी की तैनाती की जाती है तो तैनाती के बाद से ही थाना या कोतवाली में पुराने सिपाहियों की जगह नए तरीके से सिपाहियों को कारखास बना दिया जाता है। जो कोतवाली या थाना क्षेत्र में हो रही हर गतिबिधि पर नजर रखते है और प्रभारी के इशारे पर ही हर काम को अंजाम देते है। लेकिन शहर कोतवाली उरई में नए शहर कोतवाल की तैनाती के बाद भी पुराने कारखास सिपाही का कब्ज़ा बरकरार है। जिसकी बजह से हर वो अबैध काम हो रहा है जिसे न करने की हिदायत शहर कोतवाली निरीक्षक ने चार्ज लेते समय दी थी।
गौरतलब है कि शहर कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक जेपी पाल ने चार्ज लेते समय सभी गलत काम करने बालो को हिदायत देते हुए कहा था कि कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गात कोई भी अबैध कार्य नहीं होने दिया जायेगा। इतना ही नहीं शहर में अबैध शराब, भांग दुकानों पर गांजा की बिक्री, जुआ के अड्डे एवं सट्टा कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लगाने तक की हिदायत दे दी गयी थी। लेकिन शहर कोतवाली निरीक्षक की हिदायत के बाद भी सट्टा जैसे अबैध काम पर अभी तक अंकुश नहीं लग पाया है। बताया जाता है कि एक चर्चित सिपाही जो पूर्व में कारखास था उसकी कारखासी अभी भी बरक़रार है। जिसकी बजह से उसके सम्बन्ध हर उस व्यक्ति से है जो सट्टा जैसे अबैध काम में लिप्त है और उसी का फायदा उठाकर सट्टा जैसे अबैध कामो को अंजाम देने बाले लोगो के हौंसले शहर कोतवाल की हिदायत देने के बाद भी बुलंद है। इतना ही नहीं सट्टा माफिया कारखास चर्चित सिपाही की दम पर सट्टा लगवाकर रोज हजारो के बारे न्यारे कर रहे है। जिसकी भनक न तो शहर कोतवाली निरीक्षक को लग पा रही है और न ही जनपद के पुलिस विभाग के आला अधिकारियो को। आपको बता दे कि शाम होते ही शहर कोतवाली के अंतर्गत मोहल्ला तिलक नगर, डढ़वा ,लीलबरी पुल, साठफुटा, रामकुण्ड, जयहिंद टाकीज़ के पास मंसूरी लाज में, छुट्टन चाट बाली गली में टेलर के कारखाने के पास प्रतिदिन सट्टा खेलने एवं लगवाने बालो का जमाबडा लगा रहता है। जो लोगो को 10 के 900 रूपये दिए जाने का झूठा लालच देकर गरीब एवं मजदूर बर्ग के लोगो को लूटने में लगे रहते है। इतना ही नहीं सट्टा कारोबारियों द्वारा सट्टा का नम्वर लगाने बालो को किसी अन्य शहर से नम्वर निकलने का लालच देकर उन्हें रातभर घनचक्कर बनाये रहते है और समय पूरा होने पर खुद ही बही नम्वर निकाल देते है जिसमे कम रूपये लोगो द्वारा लगाये गए हो। गरीब एवं मजदूर बर्ग के लोगो द्वारा की जा रही इस ठगी से कई घर बर्वाद हो चुके है और कई बर्वादी की कगार पर पहुच गए है। इतना ही नहीं जिन एक दो लोगो के इस खेल में पैसे मिल जाते है उनके चूल्हे तो रात में जल जाते है लेकिन जिनके पैसे चले जाते उनके घर चूल्हा जलना भी मुश्किल भरा साबित होता। जब इस सम्बन्ध में शहर कोतवाली निरीक्षक जेपी पाल से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि जो भी अबैध काम करेगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी साथ ही समय समय पर इसके खिलाफ अभियान चलाकर धडपकड़ की जाएगी।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126