कोरी समाज ने हमलावरों की गिरफ्तारी न होने पर दिया धरना

27 दिन पूर्व फायरिंग करने की दर्ज है एफआईआर
दोबारा की गई फायरिंग मगर नहीं हुई गिरफ्तारी
पवन याज्ञिक
उरई: कोंच में पुरानी चली आ रही यादव कोरी जंग अब फिर से ताजी हो रही है।
मालूम हो कि कोंच में यादव एवम कोरी(वर्मा) समाज के बीच लगभग 16 वर्ष से रंजिश चली आ रही है। दोनों पक्षों के लोगों की कई हत्याएं भी हो चुकी हैं। अब यह पुराना विवाद उस वक़्त फिर से गरमा गया जब लगभग एक माह पूर्व दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद के फलस्वरूप यादव समाज के कुछ उग्र युवाओं ने फायरिंग कर दी। जिसपर कोरी समाज के लोगों ने कोतवाली जाकर नामदर्ज एफआईआर करा दी थी। मगर जब जब पुलिस आरोपियों को पकड़ने गयी तो वे भागकर छिप गए और पुलिस को बैरंग वापिस लौटना पड़ा। कोरी समुदाय के वादी पक्ष ने एक हफ्ते पूर्व रात में कोतवाली का घेराव करके आरोप लगाया था कि पवन बंजारा यादव ने फायरिंग करके दोबारा हमें जान से मारने का प्रयास किया। नगर ईश्वर की कृपा से हम बच गए। किन्तु जब आजतक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो कोरी समाज के पीड़ित लोगों ने आज दोपहर चिल चिलाती धूप में महिलाओं के साथ आकर चंद कुआ पर बैठकर धरना दे दिया। और यादव जाती के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। तब क्षेत्राधिकारी कोंच राजीव प्रताप सिंह तीन थानों के एस.ओ और पुलिस बल को लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस एवम तहसीलदार कोंच ने प्रदर्शनकारियों को उठाने की बहुत कोशिश की मगर आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े रहे। तथा तस से मस न हुए। तब सी.ओ राजीव प्रताप सिंह ने सूझ बूझ का परिचय देते हुए पीड़ित प्रदर्शनकारियों को अच्छी तरह समझाया और कहा कि मैं वचन देता हूँ कि तीन दिन के अंदर आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। सी.ओ आर.पर. सिंह के मजबूत आश्वासन पर भरोसा करके प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त किया। धरना और प्रदर्शन करने वालों में प्रमुख रूप से रामस्वरूप कोरी वादी मुकदमा, सतीश मोटू, धर्मेंद्र, सुमित, गोलू, प्रेम, प्रेमनारायण, अमित, सुमित। महिलाओं में माला, कुसुम, ममता, गुड्डी, विमला, लक्ष्मी आदि तथा जयप्रकाश नगर मोहल्ले के अन्य निवासी भी शामिल रहे।