कोरोना महामारी के दौर में भी लापरवाही जारी

उरई (जालौन)। एक ओर कोरोना संक्रमण बाढ़ के पानी की तरह बेकाबू होता जा रहा है, वही दूसरी ओर आम जनमानस के साथ जिम्मेदार भी भारी लापरवाही बरतने लगे है। कोरोना महामारी के प्राम्भिक दौर में जिस तरह लॉक डॉउन के दौरान लोगो मे कोरोना का भय था, इसी भय के कारण लोग बचाव के लिए पूरी सावधानी बरतने से नही चूकते थे,अब वह सावधानी तथा बचाव के जरूरी उपाय कही नजर नही आ रहे है। शुरुआती दौर में यदि किसी इलाके में एक भी संक्रमित निकलता था,तो उस पूरे इलाके को कम से कम 48 घण्टे के लिए सीज कर दिया जाता था।लोगो की आवाजाही को सख्ती से पूरी तरह प्रतिबंधित कर आम जनमानस के लिए जरूरी सामानो की आपूर्ति सुनिश्चित की जाती थी। लेकिन समय बीतने के साथ इस तरह की जरूरी सावधानियां कागजी साबित हो रही है। अब स्थिति यह है कि यदि किसी इलाके में दर्जन दो दर्जन संक्रमित भी निकल आते है,तो उस इलाके को कागजी सेनेटाइजेशन कर खुला छोड़ दिया जाता है,भले ही शासन प्रशासन के उच्च अधिकारी सख्ती से इलाके को सीज कर सेनेटाइज करने के निर्देश देते रहे,लेकिन प्रशासन की स्थानीय मशीनरी केवल खाना पूर्ति करके छोड़ देती है,जहां सेनेटाइजेशन का कार्य किया जाता है,वह केबल दिखावा भर होता है,ऐसे में शासन चाहे जितना प्रयास कर ले,लेकिन संक्रमण को रोकना न मुमकिन है। अभी हाल ही में मुख्यालय उरई के कई इलाकों में कोरोना संक्रमित मरीज लगातार पाए गए,लेकिन इन इलाकों में न,तो नगर पालिका द्वारा सेनेटाइज करवाया गया और न ही इन इलाको को सीज करना जरूरी समझा गया। यहाँ तक कि इन प्रभावित इलाकों में बाजार भी आम दिनों की तरह खुले रहे,संक्रमितों के सन्दिग्ध परिजन भी खुले आम घूमते नजर आए।अब अगर संक्रमण गाँव गलियों तक फैल रहा है,तो इस का जिम्मेदार कौन है,आखिर वही लोग तो है, जो सरकार के तमामं जागरूकता प्रयासों के बाद भी इसे हल्के में ले रहे है,और यही स्थिति रही तो,हालात को काबू करना मुश्किल होगा।
विगत 5 माह से केंद्र एवं प्रदेश सरकार हर स्तर पर लोगो को जागरूक कर रही है,बार बार अपील की जा रही है कि जरूरी काम से ही घरो से निकले,वह भी मास्क लगा कर,कम से कम दो गज की दूरी बना कर रखे।लेकिन लोग इन दिशा निर्देशो को दरकिनार कर,बेवजह घूमने व सोशल डिसटेंशिंग का मजाक उड़ाने से नही चूक रहे है,फिर बिगड़ते हालात का जिम्मेदार सरकार को ठहराने से बाज नही आते। वास्तव में हकीक़त यह है कि अगर हम इस वैश्विक महामारी को तभी हरा सकते है,जब हम स्वयं सरकार की गाइड लाइन का सही ढंग से पालन करें। कोरोना को हल्के में न लेकर, पूरी सावधानी बरतें। अपने साथ अपने आस पास के लोगो को भी सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करें।

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