कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ाने में अच्छी भूमिका निभा रहे सट्टा माफिया

एडीजी जॉन कानपुर, आईजी रेंज झांसी के आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
आखिर किसके संरक्षण में हो रहा सट्टे का अवैध कारोबार
माफिया का नाम उजागर होने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई

उरई(जालौन)। जनपद जालौन में अवैध कारोबार का प्रचलन क्रमबद्ध सबको साथ लेकर आज से नहीं सालों से हो रहा। जिसमें मिश्रित गुटका से लेकर सट्टा का अवैध कारोबार जिसे अमीर होने की चाभी कहते है। क्योंकि सट्टा माफिया 9 के 90 का लालच देकर उन गरीबों के घर उजाड़ रहे जिन्हें दो वक्त की रोटी जुटाना भी संभव नहीं है। लालच में आकर बच्चो से लेकर बड़ों तक हजारों रूपए कर्ज लेकर या सुबह से शाम तक कमा कर उन सट्टा माफिया को दे आते ताकि वह पैसे दुगने हो जाए। उन्हें क्या पता सट्टा माफिया यह मकड़जाल सिर्फ उन्हें बर्बाद करने के लिए फेलाय ना की उन्हें अमीर बनाने के लिए जब शासन प्रशासन ने इन अवैध कारोबार पर प्रतिबन्ध लगा रखा है। इन अवैध कारोबार करने पर जेल तक है फिर यह कारोबार केसे उरई शहर के अंदर चालू है। और चालू सुरक्षा के साथ है। क्यों की हर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस बात मालूमात बखूबी है, मज्जाल कोई कार्रवाई प्रशासन के अधिकारी कर जाए। कार्रवाई भी खानापूर्ति वाली होती है, सट्टा खेलने वालों को पकड़कर यह दर्शा दिया जाता है कि पुलिस प्रशासन सख्त है और सट्टा खेलने वालो के ऊपर कार्रवाई कर रही लेकिन आज तक यह नहीं सुनाई दिया कि कारवाई सट्टा माफिया पर हुई हो। वहीं इस समय विदेश के देश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस ने तबाही मचा रखी है, ऐसे में शासन-प्रशासन है वह हर सख्त कदम उठा रहा जिससे इस महामारी को रोका जा सके लेकिन संख्या मरीजों की कम होने की जगह रोज रिकॉर्ड के अंतराल से संख्या बढ़ रही है कहा जाए तो प्रशासन कई जग में भी सटटा माफिया सक्रिय दिखाई दे रहे है जिन्हें ना कोरोना वायरस का खौफ है और ना प्रतिदिन बढ़ते जा रहे संक्रमित मरीजों की चिंता है उन्हें तो धन कमाने की चिंता सताये जा रही है।

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