खाद्यान किट का चारा लगाकर मछली फसाना चाह रहे थे कुछ चरित्रहीन भाजपाई

उरई कहीं उन्नाव न बन जाए?

जिले के विभिन्न दलों की महिला संगठनों की नेत्री व संवेदनशील प्रतिष्ठ महिलाओं एवं समाज में रोष व्याप्त

दोषियों के खिलाफ शीघ्र मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग

दोनो भाजपा पदाधिकारी महिला को विधायक के माध्यम से ब्यूटी पार्लर के लिए लोन दिलाने का दे रहे थे लालच

नई स्कूटी देने का भी फेका था जाल

समिति ने आज पीड़ित महिला का लिया बयान, पार्टी मामले को निपटाने की जल्दी में

अनिल शर्मा+संजय श्रीवास्तव+डॉ. राकेश द्विवेदी

उरई: खाद्यान का चारा लगाकर गरीब भाजपा की महिला पदाधिकारी को कुछ चरित्रहीन भाजपाई अपने जाल में फसाने को बेताब थे। लेकिन जब चरित्रवान महिला पदाधिकारी ने उनकी हवस के आगे झुकने से इनकार कर दिया। और इस कृत्य की शिकायत भाजपा के जिलाध्यक्ष को लिखित रूप से दी। तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के ग्रह जनपद में भूचाल सा आ गया। आनन फानन में भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेन्द्र सिंह बना ने 3 सदस्यीय जांच दल की घोषणा कर दी है।गुरुवार को महिला भाजपा की जिला अध्यक्ष और जांच कमेटी की सदस्य प्रीति बंसल के आवास पर पीड़ित महिला नेत्री को बुलाकर समिति के तीनो सदस्यों ने उससे पूछताछ का कार्य तेजी से प्रारम्भ भी कर दिया है।

लेकिन इससे संवेदनशील और प्रतिष्ठ महिलाओं का रोष कम नही हुआ बल्कि बढ़ गया है। वे इसे संगठन का विषय न मानकर विशुद्ध आपराधिक सेक्सुअल हैरासमेंट का मामला मान रही हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि वे भाजपा के दो चरित्रहीन पदाधिकारियों के खिलाफ जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज कर जेल भिजवाए। वरना वे सब कोरोना महामारी के लॉक डाउन के बाद सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगी। समाजवादी पार्टी की महिला विंग की जिलाध्यक्ष मांडवी निरंजन, कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्षा मंजू लता, बसपा नेत्री उमेश कुमारी, गुलाबी गैंग की अध्यक्षा अंजू शर्मा, गांधी डिग्री कॉलेज की पूर्व प्राचार्या डॉ. अलका नायक, डॉ. नीलम मुकेश, डॉ. रेनू चंद्रा, सपा के प्रांतीय नेता प्रदीप दीक्षित, समाजसेवी कृपा शंकर द्विवेदी बच्चू महाराज, प्रसिद्ध गायक मिर्ज़ा साबिर बेग, प्रसिद्ध शायर शफीकुर रहमान कश्फी, प्रसिद्ध साहित्यकार यज्ञ दत्त त्रिपाठी, कॉमरेड कैलाश पाठक, यूसीपीआई के प्रांतीय नेता कामरेड राम कृष्ण शुक्ला, संगीतकार राजेश निरंजन, लोकगीत गायक एवं समाजसेवी संजू दुबे, संगीतकार गरिमा पाठक आदि ने पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि यह मामला भाजपा के संगठन का विषय नहीं है। ये विशुद्ध रूप से आपराधिक कृत्य है, सेक्सुअल हरासमेंट का मामला है। इसके लिए नया कानून बन गया है। इसमें केवल पुलिस ही मामले को संज्ञान में लेकर पीड़ित गरीब महिला भाजपा पदाधिकारी का बयान लेकर चरित्रहीन दोनो भाजपा पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्यवाही कर सकती है। उधर आक्रोशित महिलाओं ने कहा है कि इस मामले में राज्य एवं केंद्र महिला आयोग को उरई आकर पीड़ित भाजपा महिला पदाधिकारी से वार्ता करनी चाहिए। और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करवानी चाहिए। अगर शीघ्र ऐसा नही हुआ तो कोरोना महामारी के कारण लगे लॉक डाउन के खुलते ही वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगी। मालूम हो कि बीती 15/05/2020 को भाजपा की नगरमंत्री श्रीमती माला(काल्पनिक नाम) के आवास पर भाजपा के नगर महामंत्री रामू गुप्ता और नगर कोषाध्यक्ष प्रेम वर्मा लॉक डाउन के दौरान चाय के बहाने पहुचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आपके आपके पति चूंकि फल का ठेला लगाते है। लॉक डाउन के कारण बिक्री तो हो नही रही होगी इसलिए आपकी ग्रहस्ती की परेशानी को समझते हुए प्रशासन द्वारा और भाजपा विधायक द्वारा जो खाद्यान किट गरीबों को बांटी जा रही है। वही एक किट आज आपके लिए लाए हैं और आगे भी लाते रहेंगे। पहले उन्होंने उसके साथ सेल्फी खींचनी चाही। जब उसने मना करते हुए पूछा कि ये क्यों खींच रहे हैं। तो उन्होंने एक अन्य भाजपा नेत्री का नाम लेते हुए कहा कि जब व्हाट्सएप से ये सेल्फी उस भाजपा नेत्री को भेजेंगे तो हमारे साथ तुम्हे देखकर वह जल जाएगी। इसके बाद रामू गुप्ता और प्रेम वर्मा कमर और गाल पर हांथ फेरने लगे। जब उसने इसका तीव्र विरोध किया तो दोनो नेता पैदल और ऑटो से चलने में होने वाली तकलीफ को दूर करने के लिए नई स्कूटी दिलाने की पेशकश करने लगे। इसके बाद उन्होंने यह भी चारा फेंका कि वो विधायक जी कहकर तुम्हारे ब्यूटी पार्लर के लिए किसी बैंक से अच्छा लोन दिलवा देंगे। लेकिन जब श्रीमती माला(काल्पनिक नाम)नाराजगी भरे स्वर से उन्हें अपने घर से निकल जाने को कहा तो वो बोले अच्छा तुम्हारे बहुत दिमाग खराब हो गए हैं। तुम्हे पार्टी से निकलवा देंगे और तुम्हारी कुगत करा देंगे। यह धमकी देकर वो दोनो नेता चले गए। वो बहुत रोई पति के आने के बाद उसने सारी बातें बताई। इसके बाद महिला ने भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेन्द्र सिंह बना जी को पत्र लिखा और उनसे कार्यवाही की मांग की।
उरई में बने इस माहौल के बीच भाजपा सहित समाज की शरीफ महिलाएं और पुरुषों में यह भी चिंतन चल रहा है कि उन्नाव में महिला उत्पीड़न, रेप एवं हत्या जैसे संगीन मामले में दोषी करार होकर सजा काट रहे विधायक कुलदीप सेंगर जैसी घटना की उरई में कहीं दोहरा न जाये। यह डर उनको सता रहा है क्योंकि यहां भी सत्ता से हर प्रकार का लाभ उठाने की योजना के साथ समाज के अनेक घटिया तत्व या तो भाजपा में पद हथियाए हुए हैं। और कई भाजपा जन प्रतिनिधियों एवं भाजपा नेताओं के साथ गलबहियाँ करते खुले आम नज़र आते हैं।