गाय को बचाने में कार ड्राइवर अनियंत्रित होकर गुमटी में घुसा; दो की मौत

मौत से गुस्साएं ग्रामीणों ने रायबरेली-लखनऊ हाइवे जाम कर किया प्रदर्शन

निगोहा थाना क्षेत्र में हुआ हादसा, ग्रामीणों की पुलिस से हुई झड़प

राजधानी लखनऊ में सोमवार की दोपहर निगोहां थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार कार के सामने अचानक गाय आ गई। इससे बचने में ड्राइवर कार पर नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे स्थित गुमटी में जा घुसा। जिससे गुमटी में बैठे दो लोगों की मौत हो गई। कार सवार युवक भी घायल हो गया। हादसे के बाद लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 रायबरेली-लखनऊ हाइवे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाने की कोशिश की तो झड़प हुई। कुछ ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति पर काबू पाया है।

इलाहाबाद की तरफ जा रही थी कार
घटना निगोहां के मस्तीपुर गांव की है। यहीं के रहने वाले कुलदीप (18 साल) अपनी बहन रीना (22 साल), भांजी आंचल (15 साल) व भतीजी आरूषी (02 साल) के साथ हाइवे के किनारे अपनी परचून की दुकान के सामने बैठे हुए थे। इसी दौरान सोमवार दोपहर लखनऊ से इलाहाबाद की तरफ जा रही थी, तभी गाय के अचानक सामने आने के बाद कार अनियंत्रित हो गयी और उसके बाद हाइवे से नाले की तरफ चढ़ती हुई इन चार लोगों को रौंद डाला। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में घायलों को उपचार के लिए सीएचसी मोहनलालगंज भेजा, जहां से उन्हे ट्रामा रेफर कर दिया गया। लेकिन कुलदीप और रीना को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

मौत की सूचना पहुंचने पर और बिगड़े हालात

घटना के बाद ग्रामीण उत्तेजित हो गए। जिस पर पुलिस ने चालक हिरासत में लेकर घटनास्थल से थाने भेज दिया। इसी बीच कुलदीप और रीना की मौत की सूचना गांव पहुंची। सूचना पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने अपना गुस्सा पुलिस पर उतारना शुरू कर दिया। पुलिस कार्मियों पर हमला बोलते हुए ईट-पत्थर, लाठी-डंडे से हमला बोल दिया। पुलिस बल कम होने के कारण कर्मियों को कई बार घटनास्थल से दूर भागना पड़ा। इसी बीच अफरा-तफरी के महौल में करीब 2 घंटे का लम्बा जाम लगा रहा।

राहगीर पुलिस के साथ खड़े हुए

उत्तेजित ग्रामीणों को जब पुलिस शान्त कराने का प्रयास कर रही थी और ग्रामीण पुलिस पर भारी थे। राहगीर पुलिस के साथ खड़े हुए तब जाकर किसी तरह पुलिस घटनास्थल पर पहुंच सकी। ग्रामीण मुआवजे की मांग पर अड़े हुए थे। उधर,घटनास्थल पर एसपी ग्रामीण और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और मुआवजे का आश्वासन देकर किसी तरह ग्रामीणों को शान्त कराया।

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