गौमाताओं के लिये वरदान बन सकती है पशुपालन की निशुल्क वितरण योजना

जानकारी देते मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा वीपी सिंह

जनपद में बीस हजार गायं वितरित करने का लक्ष्य
देखभाल की शपथ के साथ ले सकता है कोई भी गाय
उरई(जालौन)। देश में गौरक्षा को लेकर राज्य और देश की सरकारें खासी सक्रिय होने लगी है। यही वजह है कि अब जिम्मेदार सरकारी महकमों के साथ ऐसी योजनायें क्रियान्वित करने की पहल दिखलाई देने लगी है। जिनके जरियें गौ माताओं की न सिर्फ रक्षा हो सके वल्कि अजीवन उनकी देखभाल का प्रबंध भी कराया जा सके।
गौरतलब हो कि विगत कुछ वर्षो से अन्ना जानवरों की समस्या गहराती जा रही है। देखा जाये तो लाखों की तादात में ऐसे जानवर है जिनके स्वामियों ने उन्हें भगवान भरोसे छोड दिया है। क्रर्षि प्रधान देश में जहां किसानों की जीविका का जरिया खेती के साथ साथ पशुपालन रहा हो वहां पालतु पशुओं की उपेक्षा किसी बडी गंभीर चुनौती से कम नही हैरत की बात तो यह यह है कि अन्ना विचरण करने वाले पशुओं में गायें भी बडी संख्या में शामिल है जनपद के ही विभागीय आकडों को देखे तो मौजूदा स्थिति में हजारों की तादात में बेसहारा अन्ना गायों को पशुपालन विभाग गौशालाओं में आश्रय दिये है हालाकि अब सरकार ने ऐसी गायों के निशुल्क वितरण की योजना भी बनाई है जिसके तहत गाय का पालन करने की इच्छा रखने वाले को उसकी देखभाल और चारें आदि की समुचित व्यवस्था रखने का शपथ पत्र देने पर उसे गाय सौपी जायेगी। योजना की जानकारी देते हुये मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा विश्वपाल सिंह ने यंग भारत को बताया कि ऐसी गाये जो एक या दो लीटर दूध देती है जरूरत मंद किसानों और गरीबों की जीविका का भी साधन बन सकती है विभाग लोगो की जागरूकता के लिये उन्हें तरह तरह से प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम उठा रहा है उन्होने यह भी बताया कि कोई भी किसान या अन्य पेशे से जुडा गाय पालन का इच्छुक व्यक्ति विकास खंड स्थित गौशाला से निशुक्ल गाय प्राप्त कर सकता है इसके लिये उसे लिखित तौर पर गाय की देखभाल संबधी शपथ पत्र देने की जरूरत है।
कुपोषित बच्चों के अभिभावको को दी जायगी गायें
ग्रामीण अंचलों में संचालित आंगन बाडी केन्द्रों के ऐसे बच्चे जो कुपोषित पाये जाते है तो उनके पोषण के लिये भी प्रशासन स्तर से उनका चयन किया जायेगा और उनके अभिभावकों को बतौर प्रोत्साहन दूध देने वाली गाये चिहिन्त कर दी जायेगी। जिसे उन गायों का लाभ बच्चों को कुपोषण से बचाने में किया जा सके। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.वीपी सिंह ने बताया कि अभी 115 अभिभावकों के नाम सामने आये है जिन्हें निशुल्क गाय दी जायेगी।
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