ग्राम आटा की श्री कृष्ण गौशाला भी आरोपों के घेरे में

दोपहर में गौशाला खाली, गायें गयीं चरने
सरकार 30 रुपए प्रति गाय देती है प्रबंध समिति को
डिकौली और बोहदपुरा की घटनाओं से नहीं ले रहे हैं सबक
अनिल शर्मा+संजय श्रीवास्तव+सुधीर, विकास
उरई: जनपद मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर ग्राम आटा में स्थित है श्री कृष्ण गौशाला। सरकारी आंकड़ों में इस गौशाला में 100 गायें हैं। लेकिन द यंग भारत की टीम आज दोपहर 12:30 बजे जब गौशाला ने पहुंची तो एक भी गाय नहीं मिली। इस बारे ने जब टीम ने गौशाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और ग्राम प्रधान सत्य नारायण वर्मा से बात की तो उन्होंने बताया कि इस समय सभी गायें चरने के लिए खेतों में गयी हैं। इससे गायों की सेहत ठीक रहती है। उन्होंने बताया कि इन गायों की देख रेख के लिए 2 गौपालक भी रखे गए हैं। प्रत्येक गौपालक को नौ हजार रुपए प्रति माह दिया जाता है। टीम ने गौशाला में देखा कि गायों की छाव के लिए विधि वत व्यवस्था नहीं है। गायों के पानी पीने के लिए एके हौद बना है, समरसेबल भी लगा है। लेकिन हौद के पानी मे काई जम गई है। मालूम हो कि प्रदेश की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की प्रत्येक गौशाला में अन्ना गायों को रखने के लिए उन्हें खाने पीने, नहलाने धुलाने के लिए प्रति गाय 30 रुपए के हिसाब से गौशाला प्रबंधन समिति को बजट दिया जाता है। लेकिन जिस तरह से अन्ना गायों की इस गौशाला में बेकदरी की जा रही है। उससे इस आशंका को बल मिलता है कि पिछले वर्ष ग्राम बोहदपुरा स्थित गौशाला में लगभग 80 गायें भूसा चारा आदि खाने के अभाव मे मर गयीं थी। इसी तरह इस वर्ष माह जून में एक सप्ताह पहले माधोगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र की गौशाला ग्राम डिकौली में भूसा चारा के अभाव में कई गायों ने दम तोड़ दिया था। जिन्हें आनन फानन में दफना दिया गया।
इस मामले को सबसे पहले द यंग भारत ने उजागर किया था। जिसपर डीएम डॉ. मन्नान अख्तर ने तत्काल डीपीआरओ अभय यादव को जांच ज आदेश दे दिए थे। इधर ग्राम आटा के ग्रामीणों का कहना है कि यदि गायों का रख रखाव अगर ठीक से नहीं किया गया तो बोहदपुरा और डिकौली कि घटना की पुनरावृत्ति हो सकती है।