ग्राम प्रधान भदारी द्वारा इस्तीफा देने से ब्लॉक कार्यालय में हड़कंप

कंप्यूटर ऑपरेटर पर लगाया सुविधा शुल्क लेने और भ्रष्टाचार का आरोप
पवन याज्ञिक (विशेष संवाददाता)+संजय गोस्वामी

उरई(जालौन)। एक अजीब सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है जिसमें ग्राम प्रधान ने ब्लॉक कार्यालय में पनप रहे भ्रष्टाचार से तंग आकर प्रधानी से इस्तीफा दे दिया है। प्रधान के इस्तीफे से ब्लॉक कार्यालय में हड़कंप है और कार्यालय से जुड़े लोग किसी तरह मामले को दबाने में लगे हैं। प्रधान ने खंड विकास अधिकारी को दिए इस्तीफे में कंप्यूटर ऑपरेटर से तंग होने की बात कही है।
बैसे तो सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है और बिना सुविधा शुल्क के कोई काम होता ही नहीं है, लेकिन जब कोई निर्वाचित प्रतिनिधि खुलेआम भ्रष्टाचार के आरोप लगा कर अपना इस्तीफा तक दे डालेे तो मामले की गंभीरता को आसानी से समझा जा सकता है। विकास खंड कोंच की ग्राम सभा भदारी के प्रधान विनयकुमार ने इसी भ्रष्टाचार से तंग आकर प्रधानी के पद से अपना इस्तीफा दे दिया है जिससे ब्लॉक कार्यालय में हड़कंप मच गया है। कार्यालय से जुड़े छोटे से लेकर बड़े लोग तक इस मामले को दबाने की कोशिशों में जुटे हैं ताकि भ्रष्टïाचार के छींटों से उनका दामन बचा रहे। बीडीओ शुभम बरनवाल को ग्राम प्रधान विनय ने अपना इस्तीफा देते हुए कहा है कि इस्तीफे का कारण ब्लॉक में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर प्रशांतकुमार की भ्रष्टï कार्यप्रणाली है। बर्ष 2018-19 में ग्रामसभा में लगने बाले ग्राम वरोदा खुर्द में आंगनबाड़ी केन्द्र का निर्माण कराया गया था जो एक बर्ष पहले ही पूरा हो चुका है लेकिन उसका भुगतान अधूरा हुआ है। राजमिस्त्रियों का पैसा भी खातों में नहीं भेजा गया है। कंप्यूटर ऑपरेटर प्रशांत कागजों मेें हेराफेरी करता रहता है और उसके भ्रष्ट कारनामों की बजह से भुगतान खाते में नहीं पहुंच पाता है। इसके अलावा रमेश बरार के पास कुंएं का निर्माण कराया था जिसका भुगतान भी पूरा नहीं हुआ। गौशाला के भूसे का 1 लाख 10 हजार रुपया भी आधा अधूरा पड़ा है, इसके अलावा और भी कई अन्य कार्य हैं जिनका भुगतान नहीं किया गया है। इसलिए वह भ्रष्ट कंप्यूटर ऑपरेटर से तंग आकर अपना इस्तीफा दे रहे हैं। उसने इस्तीफे में यह कह कर चौंका दिया है कि मनरेगा के मामलों मेें जमकर भ्रष्टाचार और लाखों की हेराफेरी करता रहता है लेकिन उसके ऊपर बड़े लोगों का हाथ होने की बजह से वह अपनी कारगुजारियां करता रहता है।

क्या कहते हैं ग्राम प्रधान भदारी विनय पटेल

कोंच। ग्रामप्रधान भदारी विनय कुमार का कहना है कि ब्लॉक कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बना है जहां बिना सुविधा शुल्क के कोई काम ही नहीं होता है। सालों से गांवों में कराए गए कामों के भुगतान नहीं हो रहे हैैं। आखिर प्रधान अपना निजी पैसा कब तक लगाते रहेंगेेे इसी लिए उन्होंनेे तंग आकर अपना इस्तीफा बीडीओ को दे दिया है। अगर पहली अगस्त तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाता है तो वह मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को अपना इस्तीफा भेजेंगे।

क्या कहते हैं बीडीओ शुभम बरनवाल

कोंच। इस पूरे मामले को लेकर बीडीओ शुभम बरनवाल का कहना है कि भदारी प्रधान का इस्तीफा उन्हें मिला है। इसके पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है कि किन परिस्थितियों में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रधान के मुताबिक जिन कामों का पैसा अभी भुगतान नहीं हुआ है उसे खाते में भेजे जाने के निर्देश उन्होंने दे दिए हैं, जैसे ही कोई जेई कार्यभार संभलता है बैसे ही पैसे का भुगतान करा दिया जाएगा। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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