ग्राम विकास व पंचायती राज विभाग के सचिवों का हो रहा उत्पीड़न

उच्च अधिकारियों द्वारा सोची समझी साजिश के तहत कर रहे उत्पीड़न
जिला प्रशासन को 9 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा

उरई (जालौन)। वर्तमान समय में ग्राम्य विकास व पंचायती राज विभाग के पंचायत सचिवों का उच्च अधिकारियों द्वारा सोची समझी नीति के तहत शोषण व उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी समिति ने आज जिला प्रशासन को 9 सूत्रीय मांगपत्र भेंट किया।
ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी समिति के अध्यक्ष रामबिहारी वर्मा, वपन तिवारी, धीरेंद्र कुमार, नौशाद अली आदि प्रशासन को सौपे 9 सूत्रीय मांगपत्र में बताया कि उच्च अधिकारियों की सोची समझी नीति के तहत उक्त लोगों का शोषण और उत्पीड़न किया जा रहा है। जिसके तहत ग्राम विकास अधिकारी डकोर अभिनव पाठक का जून माह का वेतन रोक दिया गया जिसमें आवास पूरा न करवाये जाने का आरोप लगाया जबकि लाभार्थियों को नोटिस भेजकर आवास पूरा करवाने के लिए उनके द्वारा कहा गया। विकास खण्ड महेवा में ग्राम पंचायतों का आवंटन कार्यरत पंचायत सचिवों व ग्राम पंचायतों के अनुरूप नहीं है वहां किसी सचिव को एक ग्राम पंचायत आवंटित की गयी है जबकि किसी दूसरे को 6 अथवा 8 ग्राम पंचायतों का आवंटन है जो पंचायतों के बनाये गये क्लस्टर के अनुरूप नहीं है। संगठन द्वारा रणनीति बनाई गयी कि कोविंद-19 (कोरोना काल) को ध्यान में रखते हुए पंचायत सचिव शैलेंद्र सोनकर को दिन के अंदर बहाल किया जाये तथा शेष समस्याओं का समाधान किये जाने की मांग संगठन के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन से उठाई है।