जिला महिला अस्पताल में प्रसव के तुरंत बाद डिस्चार्ज करने का बनाया दबाव, परिजनों में आक्रोश

कंट्रोल रूम फोन करने के बाद बदला रवैय्या

उरई(जालौन): जालौन निवासी श्रीमती रेशमा का प्रसव शुक्रवार को प्रातः महिला अस्पताल उरई में हुआ। लेकिन स्टाफ की बदतमीजी इस कदर बढ़ी कि उन्होंने एक घंटे के अंदर ही जच्चा और बच्चा को डिस्चार्ज करने पर आमादा हो गया।

महिला अस्पताल के स्टाफ की हट धर्मी को देख परिजनों ने महिला चिकित्सकों से यह निवेदन किया कि प्रसव के फौरन बाद जच्चा और बच्चा को जालौन ले जाना तो खतरे से खाली नहीं होगा। मगर अस्पताल की जिद्दी करता धर्ताओं ने परिजनों की एक न सुनी। तब समाजसवी मोहम्मद अशफाक राईन ने सीएमओ ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई। तब कहीं जाकर स्थिति सामान्य हो पाई। तथा जच्चा और बच्चा के परेशान परिजनों ने राहत की सांस ली। हालांकि शिकायत हो गयी तो समस्या का हल हुआ। वरना दूर दराज से आने वालीं प्रसव वेदना से पीड़ित महिलाएं तथा नव प्रसूताएं महिला चिकित्सकों और वहां के स्टाफ के अमानवीय रवैय्ये की रोज शिकार होती रहती हैं।

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