डीएम की अध्यक्षता में उद्योग समिति की बैठक कई बिंदुओं पर हुई चर्चा

उरई(जालौन)। जिलाधिकारी डाॅ. मन्नान अख्तर की अध्यक्षता में जिला उद्योग बन्धु समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में सहायक आयुक्त उद्योग योगेश कामेश्वर द्वारा पिछली बैठक के अनुपालन आख्या बिन्दुवार पढ़कर सुनाया। उन्होने पिछली बैठक में एक जनपद एक उत्पाद योजना की समीक्षा के दौरान सदस्य सचिव द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि ऋण सहायता योजना के अन्तर्गत 2020-21 में शासन द्वारा भौतिक लक्ष्य 30 व वित्तीय लक्ष्य 75.00 लाख प्राप्त हुआ हैं जिसमें बताया गया कि वर्ष 2020-21 में एक जनपद एक उत्पाद सम्पूर्ण प्रक्रिया आनलाईन कर दी गई हैं जिसमें पोर्टल पर प्राप्त 29 आवेदन पत्रों में से 19 आवेदन पत्रों पर 29 जून को डीएलटीएफसी के माध्यम से 13 आवेदन पत्रों को 51.35 लाख (मार्जिन मनी) विभिन्न बैंकों को आनलाईन प्रेषित किया जा चुका हैं। साथ ही अवगत कराया गया है कि वर्ष 2019-20 के कोविड-19 लाकडाउन के कारण बैंकों में स्वीकृति के उपरान्त वितरण हेतु लम्बित आवेदन पत्रों में से 05 आवेदन पत्रों पर 47.00 लाख रुपये का ऋण वितरण किया जा चुका हैं। उन्होने निवेश मित्र योजना की समीक्षा के दौरान सदस्य सचिव द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि प्रदूषण विभाग के 09, विधुत विभाग के 25, खाद्य औषधि का 01 मामला समयावधि के अन्तर्गत लम्बित है तथा विधुत विभाग के 11 मामले कालातीत अवधि से लम्बित हैं जिस पर सदस्य सचिव द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि प्रदूषण विभाग के 08, खाद्य औषधि का 01, श्रम विभाग के 05 व यूपीएसआईडीसी का 01 मामला समयवधि के अन्तर्गत लम्बित है तथा विधुत विभाग के 02 व यूपीएसआईडीसी के 06 मामले समय सीमा के बाहर लम्बित हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में योजनान्तर्गत जनपद को भौतिक लक्ष्य 41 व वित्तीय लक्ष्य 79.54 का प्राप्त हुआ हैं जिस पर सदस्य सचिव द्वारा समिति करे अवगत कराया गया कि वर्ष 2020-21 में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की सम्पूर्ण प्रक्रिया आनलाईन कर दी गयी है तथा साक्षात्कार की प्रक्रिया को भी समाप्त कर दिया गया है, जिसमें पोर्टल पर प्राप्त कुल 91 आवेदन पत्रों में से 45 आवेदन पत्रों को 63.08 लाख रुपये (मार्जिन मनी) विभिन्न बैंकों का आनलाईन प्रेषित किया जा चुका है, जिसमें अभी तक विभिन्न बैंकों द्वारा 08 मामलों में ऋण स्वीकृति प्रदान करते हुये 03 मामलों में ऋण वितरण भी किया जा चुका हैं। साथ ही अवगत कराया गया है कि वर्ष 2019-20 के कोविड-19 लाकडाउन के कारण बैंकों में स्वीकृति के उपरान्त वितरण हेतु लम्बित आवेदन पत्रों में से 05 आवेदन पत्रों पर 26.00 लाख रुपये का ऋण वितरण किया जा चुका हैं। पीएमईजीपी ऋण योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2020-21 में योजनान्तर्गत जनपद को 29 का भौतिक व 81.00 लाख का वित्तीय लक्ष्य प्राप्त हुआ हैं जिस पर सदस्य सचिव द्वारा समिति को अवगत कराया गया कि योजनान्तर्गत लक्ष्य 29 के सापेक्ष अब तक 03 मामलों में 32 लाख रुपये ऋण स्वीकृत किया जा चुका है तथा 03 मामलों में 39.50 लाख रुपये का ऋण वितरण किया जा चुका हैं। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि योजनान्तर्गत 06 ट्रेडों(दर्जी, बढ़ई, नाई, कुम्हार, सुनार, हलवाई) में आवेदन पत्रों का चयन करते हुये प्रशिक्षण संस्थान, को अभ्यर्थियों की सूची को आनलाईन अग्रषित किया जा चुका हैं जिस पर सदस्य सचिव द्वारा समिति को बताया गया कि योजनान्तर्गत 06 ट्रेडों में अभ्यर्थियों का चयन करते हुये प्रशिक्षण हेतु सूची संस्था को आनलाईन अग्रेषित कर दी गयी है तथा 01 ट्रेड मोची गिरी में पर्याप्त आवेदन पत्र न होने के कारण चयन नही किया जा सका हैं। साथ ही सदस्य सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 2019-20 के प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को टूलकिट भी वितरण की जा रही हैं। औद्योगिक आस्थान व औद्योगिक क्षेत्र की समस्यों की समीक्षा, औद्योगिक क्षेत्र के विकास हेतु सुझाव विषयक, औद्योगिक आस्थान, कालपी में फायर पाइन्ट के सम्बन्ध में, हाथ कागज उद्यमियों को जीएसटी विषयक तथा महालक्ष्मी कोल्ड स्टोरेज, सी.-15, 16 द्वारा भूखण्ड निरस्त कर रिजर्वेशन मनी वापिस किये जाने विषयक के संबंध में चर्चा की गयी। बैठक में नरेन्द्र तिवारी, अध्यक्ष उ. प्र. हाथ कागज निर्माता समिति, कालपी द्वारा अवगत कराया गया कि एक किसान द्वारा औद्योगिक आस्थान कालपी में से निकलने के रास्ते की मांग की गयी हैं। आज की बैठक में जिलाधिकारी द्वारा अनुपस्थित पाये गये अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि भविष्य में अनुपस्थित पाये जाने पर उनके विरूद्व कड़ी कार्यवाही की जायेगी। बैठक में उद्यमियों द्वारा अपनी-अपनी समस्याये प्रस्तुत की गयी जिस पर जिलाधिकारी महोदय द्वारा संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निस्तारित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि उद्यमियों की जो भी समस्याये आये उसे संबंधित अधिकारी प्राथमिकता से निस्तारित करे इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नही की जायेगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर सन्तोष कुमार, एलडीएम, नरेन्द्र कुमार तिवारी अध्यक्ष उ. प्र. हाथ कागज निर्माता समिति सहित अन्य उद्यमी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126