दलित अवलाओं के उत्पीड़क सफेदपोश चाहे जितने रसूख वालें हों, किसी को बख्शा नही जाएगाः आईजी झांसी रेंज

आईजी सुभाष बघेल फोटो

दलित मां और दो बेटियों का अपहरण करके बसीयत करा लेने वाले भूमि हड़पू गिरोह के 7 अभियुक्त तो पकड़े जा चुके है, अब सफेदपोश मास्टर माइंड सरगनाओं की बारी

अपने को बचा जान कर उपरी तौर पर खुश दिखायी दे रहे है भूमि हड़पू गिरोह के सरगना

शील चतुर्वेदी के मन से निकल रही है भड़ास कि अनुभव और रईस खरादी ने करा दी मेरी बेइज्जती खराब

पुलिस बहुत ही गोपनीय ढ़ंग से कर रही है इस सनसनीखेज घटना की विवेचना

उरई(जालौन): झांसी रेंज के आईजी सुभाष बघेल ने “यंग भारत” को बताया कि दलित अवलाओं के उत्पीड़न के मामले मे उरई पुलिस एसपी के नेतृत्व मे पूरी गंभीरता और बारीकी से विवेचना कर रही है। 9 अभियुक्त खुलासा हुए है। उन्हें गिरफतार भी कर लिया है। उनका यह एक बहुत बड़ा रैकेट है। घटना को अंजाम देने के मास्टरमाइंड और सफेदपोश सरगनाओं को भी पुलिस शीघ्र दबोच लेगी। किसी को कतई बख्शा नही जाएगा।

जिला मुख्यालय उरई से बीते दिवस किये गये दलित मां और उसकी दो बेटियों के अपहरण, उनसे मारपीट, धमकाने, जंगल मे छोड़ आने तथा वृद्वा से 15 करोड मूल्य की बड़ैरा मौजा स्थित भूमि की बसीयत करा लेने के बहु चर्चित प्रकरण मे जिसमे वादी की बड़ी बहिन की दशहत से मृत्यु भी हो चुकी है को पुलिस अधिकारियों ने बेहद गंभीरता से लिया है और निरंतर विवेचना एंव धर पकड़ जारी है। फलस्वरूप 7 छुपे अभियुक्तों को गिरफतार किया जा चुका है। अब उन सरगनाओं को पकड़ना शेष है जो सफेदपोश बन कर महंगी कारों से घूमते है और कुछ ही वर्षो मे बहुत अधिक अवैध धन अर्जित कर चुके है। स्मरण रहे कि पीड़ित और मुकदमे की वादी रजनी ने विवेचक सीओ सिटी द्वारा दर्ज करे गए 161 के बयानो मे जिन सरगनाओं के नाम दर्ज करवाए है वो पुलिस के डर के मारे अपने को निर्दोष बताने का अभियान चलाए हुए है। जबकि वाकई मे अनुभवहीन, खरादी तथा उनके कुछ बेहद खास साथी जिनके दम पर भूमि हड़पू गिरोह का संचालन हो पाता है वे सब अपने को बचाने के लिये पूरा दोष अपने गुर्गों पर डालने मे लगेे है तथा पुलिस अधिकारियों को गुमराह करने के इरादे से न सिर्फ अन्य लोगों के विरूद्व लिखित शिकायतें देने की रणनीति अपना रहे है तथा मीडिया का भी अपने पक्ष मे दुरूपयोग कर रहे है। मगर वादी रजनी अपने 161 वाले बयान पर अडिग है जो उसकी दीदी ने इन्ही गिरोहबंद अपराधियो के कारण मरने से पहले उसे मय नाम के बताए थे।

गौरतलब है कि अभी तक कोर्ट मे रजनी का सीआरपीसी की धारा 164 का कलमबंद बयान नही कराया गया है। अभी तो गिरोह के वो अपराधी जो गुर्गे टाइप के है उन्हें पुलिस ने अपनी विवेचना मे उजागर करके दबोचा है। कोर्ट मे रजनी के जैसे ही 164 के बयान दर्ज हो जाएंगे। वैसे ही ये सफेदपोश मास्टर माइंड सरगना जो जिला मुख्यालय उरई मे लंबे समय से भूमि हड़पूगीरी का अवैध व्यापार साम, दाम, दण्ड, भेद के आधार पर संचालित कर रहे है तथा जो अधिकारियों को चाहे वे पुलिस के हों या अन्य, उन्हें सेट करने मे अपने को अत्यंत माहिर समझते है। कानून से खेलने का इनका पुराना रियाज है। इसी कारण ये भूमि हड़पू सारे हथकण्डे इस्तेमाल कर रहे है। मगर उनके द्वारा घटित किये गये कमजोर तबके के और सीधे साधे व्यक्तियों अथवा सरकार की जमीनों को हड़पने के मामलों के स्थान पर यह सबसे बड़ी आपराधिक घटना है। जिसको मास्टमाइंड भूमि हड़पूओं ने सुनयोजित साजिश के तहत बड़े माहिर तरीके से अंजाम दिया था। मगर शायद उनके पाप का घड़ा भर चुका था। इसी कारण अपहरत दोनो बहिनें गरोठा थाने पहुंच गयी और वहां से उन्हें उरई भेज दिया गया। यह सुन कर कि उनके शिकार उरई पहुंच गये है तो गिरोह घबड़ाया और आनन फानन मे वृद्वा से माधौगढ़ रजिस्ट्री कार्यालय मे बसीयत कराकर उरई के बाईपास पर कार से वृद्वा को छोड़कर भाग गए। बरना अपराध के जानकार बतातें है कि ऐसे मे तो वृद्वा की हत्या होना पहले से ही तय रहा होगा। क्योंकि भूमि स्वामी की मौत हो जाने के उपरांत ही बसीयत से स्वामित्व के हक प्राप्त होते है तथा इसी खूनी येाजना के तहत इस सनसनीखेज बारदात को अंजाम दिया गया है। मगर सौभाग्य उन मां बेटी का जो अपने आप हुए घटनाक्रम के फलस्वरूप वे आज जीवित है। बरना इतनी वड़ी सुनयोजित घटना का पता भी किसी को नही चलता और यदि चलता भी तो भूमि हड़पू सरगना अपनी अवैध दौलत से हमेशा की तरह अपने खिलाफ उठने वाली आवाजों को दववा देते।

झांसी रेंज के आईजी सुभाष बघेल ने समूची घटना भली भांति समझने के बाद उरई पुलिस को महत्वपूर्ण और गोपनीय निर्देश भी दिये है तथा उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के आदेश के अनुसार किसी भी दलित उत्पीड़क और अन्य अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नही जाएगा। उन्हें वही दण्ड मिलेगा जो मुख्यमंत्री के निर्देश पर अन्य जनपदों मे भू माफिया और बड़े अपराधियों को पुलिस द्वारा दिया जा रहा है।

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