दहेज के लालच में पति के साथ मिलकर ससुरालीजनो ने की अपनी बहू के साथ मारपीट

शिकायत कर्ता का मेडिकल कराने के बजाय चौकी इंचार्ज ने घंटो बिठाए रखा चौकी में
पवन कुमार याज्ञिक+संजय गोस्वामी
उरई(जालौन): तहसील कोंच के क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न के चलते रिश्तों को तार-तार करने का मामला सामने आया है। जहां एक पति ने अपने पिता और देवर के साथ मिलकर अपनी ही पत्नी की लाठी-डंडों से मारपीट कर दी l फिर भी जब इतने से मन नहीं भरा तो जान से मारने के इरादे से पति ने कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी पर हमला बोल दिया जिससे पत्नी के हाथ में गंभीर चोट आई है l
बताते चलें कि धीरज कुमार पुत्र भगवती प्रसाद निवासी कुटलूपुरा थाना कुठौंद जनपद जालौन ने कुछ साल पहले अपनी बहिन का विवाह अनुराग पुत्र महेश निवासी पिरौना के साथ तय किया था तथा अपनी क्षमता अनुसार 3लाख नकद और सामान भी दिया था। इतने से पूर्ति न होने पर ससुरालीजनों ने 5 लाख रुपये अतिरिक्त और मांगें जिसे देने में भारती के भाई ने असमर्थता जताते हुए मना कर दिया l प्रार्थी ने बताया कि दहेज की मांग को लेकर अनुराग एवं उसकी माँ आए दिन ताने मारती है एवं पति अनुराग और उसके देवर ने तो कई बार मारापीटी भी की l बीते दिवस ससुरालीजनों का लालच इतना बढ़ा कि दहेज के लिए भारती ने जब मना कर दिया तो उनका पारा गरम हो गया और पति अनुराग, देवर निकेश एवं ससुर महेश ने भारती को कमरे में बंद करके इतना मारा की वह बुरी तरह घायल हो गई और जब इतने से मन नही भरा तो कुल्हाड़ी से हमला कर दिया जिससे भारती के हाथ में गंभीर चोट आई है l पड़ोसियों द्वारा जब घटना की जानकारी भारती के भाई धीरज को मिली तो वह बिना समय गंवाए भारती के ससुराल पहुंचा जहां पहले से घात लगाए बैठे अनुराग और उसके भाई निवेश ने लाठी से धीरज पर हमला बोल दिया जिससे धीरज के सर में चोट लगी l किसी तरह भारती और खुद को बचाकर जब दोनों भाई बहिन पिरौना चौकी पहुंचे तो वहां उनके इलाज कराने के बजाय घंटों चौकी में बिठाए रखा गया और बाद में अगले दिन आने के लिए कहकर टाल दिया गया l अगले दिन जब प्रार्थी पुनः चौकी पहुंची तो वहां पहले से मौजूद अनुराग, निवेश, महेश ग्राम प्रधान पिरौना राकेश यादव आदि के साथ एक दर्जन से अधिक लोग मामले को निपटाने का दवाब बनाने लगे एवं धमकी दी है कि यदि नहीं माने तो बहुत बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा l प्रार्थी ने मीडिया के माध्यम से उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है एवं दहेज उत्पीड़न के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की है l क्योंकि घटना वाले दिन प्रार्थी पीड़िता और परिजनों के साथ एट थाना गया था। वहां वे लोग 3 घंटे तक बैठे रहे किन्तु थानाध्यक्ष कहीं गए हुए थे। वे लौटकर नहीं आये। तथा उपस्थित स्टाफ ने थाने से उन्हें डांटकर भगा दिया। तभी से वे अपनी एफआईआर लिखाने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों में इस लॉक डाउन की विषम परिस्थितियों में उनकी एफआईआर दर्ज नहीं हो पा रही है। जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद समाप्त होती दिख रही है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से एफआईआर दर्ज करवाके कार्यवाही करवाने की पुरजोर मांग की है।