दिवाली पर शुभ मुहूर्त में इस बार मां लक्ष्मी के चरणों में चढ़ेंगे कोल्ड स्टोर के कमल, जानिए वजह

मुरादाबाद: ये अजीब बिडंबना है कि मां कमलासना यानी माता लक्ष्मी को इस बार दीपावली पर ताजे कमल पुष्प नहीं चढ़ाए जा सकेंगे। इस समय बाजार में उपलब्ध कमल के फूल कोल्ड स्टोरेज से लाए गए हैं। उपलब्धता न होने के कारण ही फुटकर में 40 से 50 रुपये में मिलने वाला कमल का एक फूल इस समय सवा सौ से डेढ़ सौ रुपये में बिक रहा है।
दरअसल अधिमास का एक महीना बीच में पड़ने से इस बार दीपावली लेट हो गई। कमल के पुष्प सिर्फ अक्टूबर के आखिरी हफ्ते तक ही खिलते हैं। मुरादाबाद में मोड़ा तेहिया झील के आसपास कई किसान कमल के पुष्पों की खेती करते हैं। इनसे दीपावली पर अच्छी कमाई होती है। इस बार दीपावली लेट होने के कारण उत्पादक या तो पीछे हट गए या उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि इस बीच कुछ किसानों ने होशियारी दिखाते हुए बचे कमल पुष्पों को कोल्ड स्टोर में रखवा दिया। कम मात्रा होने के कारण इन फूलों की थोक बाजार में भी दोगुनी कीमत मिल रही है। थोक में ये फूल 20 रुपये तो फुटकर में 100 से सवा सौ रुपये तक बिक रहे हैं। दिवाली के दिन यानी शनिवार की कीमतों में और उछाल आ सकती है। इस बीच ये तय है कि इस बार धन की देवी को उनका आसन माना जाना वाला कमल पुष्प कोल्ड स्टोर का ही चढ़ाना पड़ेगा।
कमल के उत्पादक राजवीर सिंह बताते हैं कि पिछले साल उन्होंने दिवाली पर पैंतीस हजार फूलों का कारोबार किया था लेकिन इस बार इस बार पांच सौ फूल ही कोल्ड स्टोर में बच सके। पिछले साल के मुकाबले दोगुनी कीमत होने के बाद भी फूल न होने के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा। फूल के कारोबारी जगत और फूलकुमार भी मान रहे हैं कि कमल पुष्पों के खत्म होते-होते कोल्ड स्टोर का खयाल आया अन्यथा अच्छी कमाई हो सकती थी।
लक्ष्मी पूजन में खास है कमल का फूल
कमल का पुष्प मां लक्ष्मी का आसन है। यही कारण है कि मां लक्ष्मी को कमला या कमलासना भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि कमल के पुष्प में नकारात्मक शक्तियों को रोकने की क्षमता होती है। इसीलिए दीपावली पर कमल के पुष्प से लक्ष्मी पूजन का खास महत्व है। इसके साथ ही यह भी कहा जाता है कि जैसे कमल कीचड में रहकर भी गंदगी को आत्मसात नहीं करता वैसे ही कमल के पु्ष्प से पूजन करने वाला भी तमाम बुराइयों और नकारात्मक स्थितियों के बीच रहकर भी इनसे बचा रहता है।
कमल बना कमाई का नया जरिया  
कमल पुष्प दिवाली जैसे खास मौकों के साथ-साथ सजावट के लिए भी काफी डिमांड में रहता है। मुरादाबाद ब्लॉक के मोड़ा तेहिया झील के आसपास किसान किराए पर खेत खरीद कर उनमें कमल बोने लगे हैं। सैकड़ों एकड़ जमीन पर कमल के फूल इठलाते दिखाई देते हैं। कमल के फूल खत्म होने के बाद इसकी जड़ (कमल ककड़ी) भी सब्जी-अचार आदि के लिए इस्तेमाल होती है। ऐसे में पूरी कमल की खेती फायदेमंद ही रहती है।
एक बीघे में निकलते हैं पच्चीस हजार फूल
एक बीघे में कमल के पच्चीस हजार फूल निकलते हैं। इससे थोक में सामान्य दिनों में आठ से दस रुपए प्रति फूल तक बिक जाता है। खास मौकों पर यह कुछ महंगा बिकता है। फूल उत्पादकों की संख्या इसी वजह से बढ़ती जा रही है। कमल के फूल बेच कर फुटकर दुकानदार ज्यादा मुनाफा कमाते हैं पर थोक में भी यह घाटे का सौदा नहीं है।
लक्ष्मी पूजन के सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त
घर पर दिवाली पूजन
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: 14 नवंबर की शाम 5:28 से शाम 7:30 तक ( वृष, स्थिर लग्न)
प्रदोष काल मुहूर्त: 14 नवंबर की शाम 5:33 से रात्रि 8:12 तक
महानिशीथ काल मुहूर्त ( काली पूजा)
महानिशीथ काल मुहूर्त्त: रात्रि 11:39 से 00:32 तक।
सिंह काल मुहूर्त्त: रात्रि 12:15 से 02:19 तक।
व्यापारिक प्रतिष्ठान पूजा मुहूर्त
सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त अभिजित: दोपहर 12:09 से शाम 04:05 तक।
लक्ष्मी पूजा 2020: चौघड़िया मुहूर्त
दोपहर: (लाभ, अमृत) 14 नवंबर की दोपहर 02:17 से शाम को 04:07 तक।
शाम: (लाभ) 14 नवंबर की शाम को 05:28 से शाम 07:07 तक।
रात्रि: (शुभ, अमृत, चल) 14 नवंबर की रात्रि 08:47 से देर रात्रि 01:45 तक
प्रात:काल: (लाभ) 15 नवंबर को 05:04 से 06:44 तक
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