नगर पालिका में कमीशन की “सड़ांध” और शहर में गंदगी की

कोरोना में स्वच्छता की जगह गंदगी का मॉडल बना रही है उरई नगर पालिका
नगर पालिका में तो “अंधे पीसे कुत्ते खाएं वाले हालात”
सिविल लाइन्स सुशील नगर की मुख्य गली में भरा है दो से तीन फुट गंदा पानी
गोबर और कचरे के मोहल्ले में लगे हैं ढेर
यह है नगर पालिका की साफ-सफाई का हाल
पालिका अध्यक्ष अनिल बहुगुणा बोले कि यह हमारे समय का नहीं पूर्व अध्यक्षों के समय की समस्या है, नालियां चोक हैं, हम नाला बनवा रहे हैं, इस समस्या को भी जाकर देख लेंगे
अनिल शर्मा+संजय श्रीवास्तव+डॉ. राकेश द्विवेदी
उरई(जालौन): कोरोना काल मे जहां एक ओर साफ-सफाई का जोर है। वहीं दूसरी तरफ उरई नगर पालिका स्वच्छता की जगह गंदगी का मॉडल बनाने में तुली हुई है।
जनपद मुख्यालय उरई के सिविल लाइन्स क्षेत्र से जुड़ा हुआ मोहल्ला सुशील नगर है। जहां शाहिद भगत सिंह साइंस कॉलेज है तथा प्रसिद्ध जानकी पैलेस विवाह घर भी है। उसी मोहल्ले की मुख्य गली मे पिछले कई दिनों से दो से तीन फुट तक गंदा पानी भरा हुआ है। गीली मिट्टी के कारण गंदगी और बढ़ रही है। जिसके कारण यहां से निकलने वाले लोगों को जिन्हें शहर में जाना है या शाहिद भगत सिंह कॉलेज आना है या फिर अपने घरों में आना जाना है। उन्हें इस गंदे पानी से होकर ही गुजारना पड़ता है। शाहिद भगत सिंह कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं साईकल, स्कूटी और मोटरसाइकिल से जब इस गंदे पानी से होकर निकलते हैं तो गंदे पानी के छींटे अपने आप राहगीरों के कपड़ो को लथपत कर देते है। इसी मोहल्ले में कई जगह गोबर और कचरे के अम्बार लगे हुए हैं। जिसके कारण मास्क पहने हुए लोगों को भी भीषण दुर्गंध से दो-चार होना पड़ता है। शाहिद भगत सिंह साइंस कॉलेज के प्रबंधक सुधीर अवस्थी कहते हैं कि हम तो नगर पालिका से कहते-कहते परेशान हो गए हैं। लेकिन कई दिन बाद भी इस मुख्य गली से न तो गंदा पानी हटाया गया है और न ही बदबू फैला रहे गोबर और कचरे के ढेर को ही हटाया गया है। बसपा से माधोगढ़ विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रह चुके वरिष्ठ नेता और जानकी पैलेस विवाह घर के मालिक गिरीश अवस्थी ने कहा यहां कई दिनों से मुख्य गली में गंदा पानी भरा है और गंदगी के ढेर लगे हैं। लेकिन नगर पालिका साफ-सफाई के नाम पर आंख मूंदे है। पालिका अध्यक्ष से कहो तो वे कराते हैं- कराते हैं कि डुग्गी पीट देते हैं और काम कुछ नहीं होता। इस गली में रहने वाले प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष लाखन सिंह कुशवाहा, भाजपा के वरिष्ठ नेता शीतल सिंह, अशोक कुशवाहा, अरविंद, सुरेंद्र मास्टर, संपूर्णानंद दीक्षित, अमित मास्टर, रामशंकर चतुर्वेदी, विजय कुमार शुक्ला प्रधानाचार्य, राम पाल गुर्जर, शैलेन्द्र, राम करण, प्रभा आदि ने बताया कि इस गंदे पानी, गोबर और कचरे के ढेर के कारण यहां इतनी ज्यादा दुर्गंध फैकिली है कि कोन कब बीमार पड़ जाए पता नहीं। बच्चे हो या बूढ़े, छात्र-छात्राएं हो या ऑफिस जाने वाले सरकारी व प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी हों सभी को इस दो से तीन फुट पानी से होकर गुजरना पड़ता है। मोहल्ले वाले बोले एक तरफ कोरोना महामारी फैली हुई है। केंद्र व राज्य सरकार साफ-सफाई, मास्क लगाने की बात कह रही है और यहां नगर पालिका स्वच्छता की जगह गंदगी का मॉडल बना रही है। इस संदर्भ में जब यंग भारत ने पालिका अध्यक्ष अनिल बहुगुणा से बात की तो उन्होंने कहा नालियां चोक हैं। ये हमारे कार्यकाल की समस्या नहीं है। पिछले अध्यक्षों के कार्यकाल की समस्याए हैं। मैं एक बड़ा नाला बनवा रहा हूँ। फिर भी मोहल्ले वालों की शिकायत है तो मैं इसे दिखलाता हूँ।
उल्लेखनीय है कि चुनाव के दौरान भाजपा का टिकट न मिलने के कारण पार्टी से विद्रोह करके अपने को ईमानदार और जनता को समर्पित बताकर निर्दलीय चुनाव लड़कर जनता के भरोसे पर जीतने वाले अनिल बहुगुणा भाजपा की सरकार के दौर में अपने विद्रोह का दंड भुगतने से बचने के लिए पुनः घर वापिसी करके भाजपा में शामिल हो गए थे। यहां यह बताना भी जरूरी होगा कि उरई नगर पालिका मे भाजपा के जितने भी चेयरमैन बने हैं। उनमे से पूर्व मंत्री और जन नेता बाबू राम एमकॉम को छोड़कर बाकी सब नगर पालिका की गंदगी में लिपटे ही देखे गए। जहां तक बहुगुणा का सवाल है तो इनके ऊपर कमीशन खोरी के अधाधुंध आरोप हैं। कहना न होगा कि नगर पालिका कार्यालय से लेकर सड़कों तक और मीडिया मे भी इनकी कमीशन खोरी की बातों का ऑडियो प्रचारित हो चुका है। तथा चुनाव के दौरान इनके द्वारा किये गए वादों और दावों की तो चिंदियां सडकों पर बिखर गई हैं। मगर शहर की जनता का दुर्भाग्य की भाजपा के झंडे के नीचे पुनः आजाने के बाद मानो वो तो एक वरदानी पुरुष हो गए हैं। जिनके विरुद्ध अब बड़ी से बड़ी शिकायतों पर भी कोई कार्यवाही सामने नहीं आती। नगर पालिका में तो अंधे पीसे और कुत्ते खाएं वाला मुहावरा लागू हो रहा है।
संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.
सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126