पचनद की यमुना में पितरों को तर्पण करने के लिए जुटी भीड़

नदी में पहुंच कर हजारों ग्रामीणों ने किया जलदान

उरई (जालौन)। रामपुरा विकास खण्ड क्षेत्र के अंर्तगत कस्बा जगम्मनपुर स्थित पचनदा की यमुना नदी में आज से शुरू हुए पितृपक्ष दिवस पर अपने पितरो के आगमन में हजारों ग्रामीणों ने एकत्रित होकर पंचनद की यमुना नदी के पवित्र जल में खडे होकर अपने पितरों के निमित्त जल दान तर्पण किया।
आज बुधवार को पूर्णिमा एवं पितृ पक्ष प्रतिपदा के संधि दिवस पर पचनद के निकट विसरांत घाट पर हजारों ग्रामीणों ने अपने पूर्वजों को तृप्त करने के जलदान तर्पण किया। ऐसी मान्यता है कि भगवान सूर्य की पुत्री एवं यमराज की भगिनी (बहन) यमुना नदी में स्नान करने से अकाल मृत्यु का संकट टल जाता है एवं मृत्योपरांत यमदूत भी पीड़ा नहीं दे पाते तथा यमलोक में यमराज की कृपा के कारण कष्टों का सामना नहीं करना पड़ता है , इस कारण यमुना जी के पवित्र जल में पितरों के निमित्त जल दान तर्पण करने से उन्हें शांति एवं मोक्ष प्राप्त होता है तथा पितर अपने निमित्त तर्पण करने वाले अपने वंशजों को शुभ आशीर्वाद देते हैं । यदि मनुष्य के जीवन में पितृदोष है तो उसका भी शमन हो जाता है। ज्ञात हो कि पितृ दोष एक अदृश्य बाधा है यह बाधा पितरों द्वारा रुष्ट होने के कारण होती है पितरों के रुष्ट होने के बहुत से कारण हो सकते हैं ,आपके आचरण से,किसी परिजन द्वारा की गयी गलती से ,श्राद्ध आदि कर्म न करने से ,अंत्येष्टि कर्म आदि में हुई किसी त्रुटि के कारण भी हो सकता है। पितृ दोष के कारण मानव जीवन में अनेक संकट उत्पन्न होते रहते है अतः पितरों को प्रसन्न रखने एवं अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिए पितृपक्ष में जल दान तर्पण करना बहुत प्रभावशाली होता है।
आज बुधवार को पूर्णिमा एवं पितृपक्ष की प्रतिपदा के संधि दिवस के अवसर पर पंचनद के विसरांत घाट पर हजारों ग्रामीणों ने पहुंच कर यमुना जी के पवित्र जल में स्नानोपरान्त देवताओं, ऋषियों अपने पितरों को जलदान व तर्पण किया।

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