पाकिस्तान से आए 63 हिंदू परिवारों को बसाएगी सरकार:योगी कैबिनेट ने लिया फैसला; अब गांव का विकास कर अपने नाम का बोर्ड भी लगवा सकेंगे लोग

लखनऊ: प्रदेश की योगी सरकार 1970 में पूर्वी पाकिस्तान से मेरठ आकर बसे 63 बंगाली हिंदू परिवारों को बसाएगी। उन्हें कानपुर देहात की रसूलाबाद तहसील के भैंसाया गांव में पुनर्वासित किया जाएगा। परिवारों को कृषि के लिए दो एकड़ जमीन दी जाएगी और मकान बनाने के लिए 200 वर्गमीटर जमीन एक रुपए टोकन राशि पर आवंटित की जाएगी। राज्य सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
वहीं, देश और विदेशों में बसे लोग भी अब न केवल अपने गांवों के विकास में योगदान दे सकेंगे। वे विकास में अपने योगदान की स्मृति के रूप में शिलापट भी लगवा सकेंगे। राज्य सरकार ने बुधवार को इससे संबंधित उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना के प्रस्ताव को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी। गांव के विकास में इच्छुक व्यक्ति या संस्था को परियोजना की 60 % राशि देनी होगी। बाकी 40% राशि राज्य सरकार की ओर से वहन की जाएगी।
विकास में सहयोग करने वाले व्यक्ति या संस्था का शिलापट भी लगाया जाएगा। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए मातृ भूमि सोसायटी का गठन भी किया जाएगा। समिति के तहत एक अधिकृत संस्था और कार्यकारी समिति भी गठित की जाएगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित होने वाली समिति में पंचायती राज मंत्री को उपाध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। जबकि संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव को सदस्य, पंचायती राज विभाग के एसीएस को सदस्य सचिव नियुक्त किया जाएगा।
श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा का बढ़ेगा दायरा
सरकार ने बुधवार को उप्र सामाजिक सुरक्षा संहिता नियमावली 2021 को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दे दी। इस नियमावली से अब श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदारियां भी तय होंगी।
अविवाहित बेटियों को नौकरी देने की व्यवस्था
कैबिनेट बाई सर्कुलेशन में विवाहित पुत्री को भी मृतक आश्रित में नौकरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। प्रदेश में अभी तक मृतक आश्रित कोटे पर अनुकंपा के आधार पर पुत्र, विवाहित पुत्र व अविवाहित बेटियों को नौकरी देने की व्यवस्था थी। विवाहित पुत्रियों के लिए व्यवस्था न होने पर इनकों मृतक आश्रित कोटे पर अनुकंपा के आधार पर नौकरियां नहीं मिल पा रही थीं। कुछ मामलों में तो इकलौटी विवाहित बेटी होने के चलते परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ जाता था। लिहाजा सरकार ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगाकर अब मृतक आश्रित के तहत विवाहित पुत्री को भी नौकरी मिलने की राह आसान कर दी है ।
मुफ्त अनाज के साथ दाल, तेल व नमक भी
प्रदेश की 15 करोड़ जनता को होली तक गेहूं व चावल के साथ ही मुफ्त दाल, खाद्य तेल व नमक मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार ने कैबिनेट बाई सर्कुलेशन इससे संबंधित प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। कोरोना महामारी के चलते शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना नवंबर में समाप्त हो रही है। इसमें सभी राशन कार्ड धारकों को मुफ्त में राशन दिया जा रहा था।
सैफई और इटावा में 500 बेड का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल
कैबिनेट ने यूपी में आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई और इटावा में 500 बेडे वाले सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के निर्माण के लिए 4 अरब 89 करोड़ 88 लाख 61 हजार रुपये स्वीकृत कर दिया है।
KGMU में स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग के संचालन को मंजूरी
भारत सरकार की योजना के अन्तर्गत किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय और लखनऊ में नवस्थापित स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग के संचालन सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के मुताबिक, भारत सरकार की तरफ से मिली सहायता के पांच सालों बाद यानी 20 अक्टूबर, 2022 से केजीएमयू लखनऊ में नवस्थापित स्पोर्ट्स मेडिसिन विभाग का संचालन राज्य सरकार के बजट से किया जाएगा। इस विभाग के संचालन के लिए भारत सरकार की तरफ से सृजित 13 पदों को पहले की तरह ही जारी रखा जाएगा।
गन्ना मूल्य बढ़ाने के फैसले को भी मंजूरी
पेराई सत्र 2021-2022 के लिए तय किए गए गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य (एसएपी) को भी कैबिनेट में मंजूर कर लिया गया है। प्रदेश सरकार ने इस सत्र के लिए गन्ने का दाम सामान्य प्रजाति के लिए 340 रुपये तथा अगेती प्रजाति के लिए 350 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है।
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