पुलिस दल के कातिल मोस्ट वांटेड विकास दुबे की उल्टी गिनती शुरू…

दुर्दांत विकास गिरोह का सेकंड लेफ्टिनेंट अमर दुबे पुलिस और एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया
विकास का दायां हांथ और 25 हजार का इनामी था अमर दुबे
हमीरपुर के मौदहा कस्बा में हुई खूनी मुठभेड़
मौदहा कोतवाली प्रभारी मनोज शुक्ला के हाथ मे लगी गोली एवम एसटीएफ का कॉन्स्टेबल बुरी तरह घायल
बिकरु ग्राम में गैंग का एक और सदस्य श्याम बाजपेयी ज़िंदा गिरफ्तार
मौदहा(हमीरपुर): डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिस जनों की वीभत्स ढंग से कानपुर के बिकरु गांव में हत्या करके फरार हुए प्रदेश के मोस्ट वांटेड विकास दुबे के गिरोह को तलाशने में प्रदेश के आला अफसर तथा भारी पुलिस बल लगा हुआ था और गिरोह को हर तरफ खंगाला जा रहा था। इसी बीच आईजी एसटीएफ अमिताभ यश की सुराग रसी काम आयी और भगोड़े गिरोह के उप सरदार अमर दुबे को एसटीएफ ने हमीरपुर पुलिस के साथ मौदहा के नेशनल इंटर कालेज के पास मजार के निकट अचानक घेर लिया। खूंखार अमर दुबे ने ऑटोमेटिक गन से पुलिस पर फायर खोल दिया। सीधे सीधे हुई मुठभेड़ में एसटीएफ के कुशल जांबाजों ने भी फायरिंग कर दी और अमर दुबे को मार गिराया। उसके कब्जे से पुलिस को एक ऑटोमेटिक गन तथा एक बैग मिला। जिसे खोलने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। काबिले गौर है कि पुलिस दुर्दांत हत्यारों को पूरे प्रदेश के चप्पे-चप्पे में खूनी तेवरों के साथ गिरोह को खोजने में जुटी थी। तो इस गिरोह के मास्टरमाइंड हत्यारों ने एक साथ ना छुपकर अलग-अलग होकर छुप जाने की योजना बनाई।

इसी रणनीति के तहत अमर दुबे मौदहा कस्बे में पहुंचा था। मगर हत्या करने वाले कि भी हत्या होती है। ऐसा ईश्वर के घर से तय माना जाता है। इसी की परिणिति में पुलिस ने मुठभेड़ में अमर दुबे को मार गिराया।
इसी घटना क्रम में उधर बिकरु ग्राम में ही छुपे गिरोह के एक सदस्य श्याम बाजपेयी को एडीजी कानपुर जे.एन सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस ने बिकरु गांव में ही दबोच लिया। क्योंकि हत्याकांड के बाद से वह भाग ना सकने की स्थिति में गांव में ही छुपा हुआ था। एक साथ मिलीं इन दो बड़ी सफलताओं के साथ ही एसटीएफ और पुलिस बल का उत्साह कई गुना बढ़ गया है। जनता में भी हर्ष की लहर है।