प्रधानमंत्री आवास योजना को पलीता लगा रहे जिम्मेदार अमलें

दर दर भटकने को मजबूर पात्र अपात्रों की बल्ले बल्लें
उरई(जालौन)। केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ गरीब जरूरत मंद पात्रों को कितना क्या मिल पा रहा है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां जनपद में बडी संख्या में अवासों को पाने के लिये लोग दर दर की ठोकर खाने को विवश है हालत यह है कि पात्र संबधित विभागों के चक्कर लगा रहे है तो वही अपात्रों को आसानी से आवास मुहैया करा दिये गये है जिसकी शिकायतें अब आये दिन फरियादी आलाधिकारियों से करते नजर आ रहे है।
गौरतलब हो कि केन्द्र सरकार ने गरीब बेघरवारों को छत मुहैया कराने के उदेश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की है जिसके तहत गरीबों को निशुल्क कालौनी आवंटित करायी जाती है जबकि ऐसे अभ्यार्थी जिनके पास स्वंय का प्लाट है उन्हें भवन निर्माण के लिये धन मुहैया कराया जाता है यहां जनपद में भी उक्त योजना के क्रियान्वयन के क्रम में लोगो से आवेदन मागे गये थे वर्ष 2017 से लेकर वर्ष 2020 के बीच आवेदनों में से विभागीय सूत्रों की माने तो 14 हजार आठ सौ आवेदन स्वीक्रत किये गये है डूडा के सूत्रो की माने तो कालौनी आवंटित करने की जिम्मेदारी ओडीए की है जबकि प्लाट पर आने वाले भवन खर्च को दिये जाने की प्रक्रिया डूडा के सुपुर्द है बहरहाल जो भी हो लेकिन हैरत कर देने वाली बात यह है कि ऐसे आवेदको की संख्या भी खासी है जिन्हें अब तक कहीं से भी कोई सूचना तक नही मिली कि उनके आवास स्वीक्रत हुये भी है या नही और तो और विभागीय कार्यालयों के कर्मचारी और अधिकारी उन्हे कुछ भी नही बताते कि उन्हें करना क्या है।
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