प्रवासी मजदूरों को काम दिये जाने की मांग उठाई बीडीएएम ने

जिलाधिकारी को सौपा ज्ञापन

उरई (जालौन)। कोरोना महामारी (लाँकडाउन) एवं जनपद में पलायन से वापस लौटे प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत काम दिये जाने की मांग को लेकर बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी को ज्ञापन भेंट किया।
बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के संयोजक कुलदीप कुमार बौद्ध के नेतृत्व में विमल कुमार, रमेशचंद्र, संगीता, रीता देवी, रामकुमार, अब्दुल आलम आदि ने जिलाधिकारी को दिये ज्ञापन के माध्यम से बताया है कि कोरोना महामारी (लाँकडाउन) ने मानव जीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है गांव-गांव में कई परिवार पलायन करके वापस आ गये है आज उनके सामने रोजगार और खाद्यान्न का संकट खड़ा हो गया है।ऐसे समय में केन्द्र व प्रदेश की सरकार ने कुछ विशेष योजनाओं को शुरू किया है जिससे गांव वापस लौटे प्रवासी मजदूरों को कुछ राहत मिल सके।उन्होंने मांग की है कि गांव में वापस लौटे प्रवासी मजदूरों को आर्थिक और खाद्यान्न की मदद की जाये और उन्हें मनरेगा के तहत गांवों में काम दिया जाये तथा उनके खाद्यान्न संकट को दूर किया जाये। बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच ने मांग की है जिन मजदूरों के जाँबकार्ड नहीं बने है उन्हें जारी किया जाये तथा मजदूरी दिलवाने के लिए उनके आवेदन लेकर उन्हें मनरेगा के तहत काम दिया जाये जिससे वह परिवार का भरण पोषण कर सके।