प्राचीन लंका मीनार परिसर में इस बार नागपंचमी पर नहीं लगेगा मेला

कोरोना की मार से बेरौनक होगा त्योहार
परंपरा टूटने से लोगों में मायूसी
इस अवसर पर दंगल आयोजित कराने की भी परंपरा रही है

उरई(जालौन): जनपद के कालपी नगर में ऐतिहासिक लंका मीनार के प्रांगण में नाग पंचमी के अवसर पर लगने वाला सैकड़ो वर्ष पुराना मेला एवं दंगल इस वर्ष नही लगेगा। कोरोना महामारी के चलते स्थानीय प्रशासन ने मेला,दंगल आदि जैसे आयोजनो पर प्रतिबंध लगा रखा है।
कालपी के ऐतिहासिक लंका मीनार के प्रांगण में नाग पंचमी के दिन सैकड़ो वर्षो से मेला तथा दंगल का आयोजन होता रहा है। जिससे आस पास ग्रामीण क्षेत्रो के अलावा दूर दूर से लोग आते रहे हैं। यहाँ लगने वाले दंगल में बुंदेलखंड,कानपुर देहात,औरैया,इटावा,आदि जगहों से पहलवान आकर कुश्ती की कला का प्रदर्शन करते हैं। इस ऐतिहासिक लंका मीनार को बने करीब 140 वर्ष हो चुके हैं। तभी से स्व मथुरा प्रसाद निगम जिन्होंने इस लंका मीनार को बनवाया था उनकी स्मृति में हर वर्ष नागपंचमी के दिन विशाल मेला एवं दंगल का आयोजन कराया जाता रहा है। उपजिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया इस वर्ष वैश्विक महामारी के चलते भारत सरकार की गाइड लाइन के तहत इस तरह के आयोजनों पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। जिस वजह से लंका मीनार के प्रांगण में लगने वाले मेला एवं दंगल इस वर्ष नही लगाया जाएगा।

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