प्रियंका गांधी ने यूपी एडवाइजरी कांग्रेस कमेटी से कई बार स्काइप पर बात करके कांगे्रस का मूल वोट बैंक कैसे वापस आए, इस पर गहन मंथन किया

16 सदस्यीय है कांग्रेस की एडवाइजरी कमेटी

इसमें एक सदस्य कु0 विवेक सिंह बांदा की मृत्यु हो गई है

6 माह पूर्व 13 सदस्यीय बनी थी प्रदेशीय एडवाइजरी कमेटी

2 माह पूर्व 3 सदस्यों को और जोड़ा गया

अनिल शर्मा़+संजय श्रीवास्तव़+डा0 राकेश द्विवेदी

लखनऊ। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं उप्र प्रभारी प्रियंका गांधी ने लगभग 6 माह पूर्व बनी 13 सदस्यीय प्रदेश एडवाइजरी कमेटी में 2 माह पूर्व 3 सदस्यों के नामों को और जोड़ दिया। इस तरह से यह प्रदेश कमेटी 16 सदस्यीय हो गई थी। प्रियंका गांधी ने इस कमेटी से कोरोना महामारी के दौरान करीब तीन बार स्काइप के माध्यम से बातचीत की। जिसमें इस बात पर गहन मंथन किया गया कि कांग्रेस का मूल वोट बैंक ब्राह्मण दलित मुस्लिम जो कांग्रेस के साथ लगभग 55 साल तक रहा। जिसकी वजह से कांग्रेस लंबे समय तक केन्द्र और राज्यों में सत्ता में रही।
मालूम हो कि कांग्रेस की सचिव व उप्र प्रभारी प्रियंका गांधी ने जो 16 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, इस कमेटी में पूर्व मंत्री आरके चैधरी, पूर्व सांसद राजा राम पाल, पूर्व सांसद मो0 मुकीम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री प्रमोद तिवारी, विधायक दल के नेता प्रदीप माथुर, पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व अनु0जाति जनजाति बोर्ड के राष्ट्रीय चेयरमैन पीएल पूनियां, इमरान मसूद, विवेक बंसल, आराधना मिश्रा, प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, प्रवीण कुमार ऐरन सहित 13 सदस्य थे। 2 माह पहले कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष विनोद चतुर्वेदी, पूर्व मंत्री विवेक सिंह, तथा पीलीभीत के पूर्व विधायक सहित 16 सदस्यीय कमेटी बनी थी। पिछले दिनों विवेक सिंह की मृत्यु हो गई थी। अब इस कमेटी में 15 सदस्य ही बचे हैं।
प्रियंका गांधी ने कोरोना महामारी के कारण डिजिटल प्लेटफार्म का प्रयोग करते हुए स्काइप पर 3 बार एडवाइजरी कमेटी से बात की और इस बात का गहन मंथन किया कि पार्टी अपने पुराने जनाधार को कैसे प्राप्त करे। सबसे पहले प्रियंका गांधी ने श्रीराम मन्दिर के सवाल पर कमेटी पर सलाह ली। इस पर एडवाइजरी कमेटी के सदस्यों ने पाजिटिव रुख रखने की बधाई दी। इसके चलते श्रीराम मन्दिर के शिलान्यास पर देशवासियों को बधाई दी कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेष का सम्मान किया।
इस बात पर भी गहरी चर्चा हुई कि कांग्रेस का मूल वोट बैंक कैसे वापस आए। जिसमें प्रमोद तिवारी, विनोद तिवारी, राजाराम पाल, प्रदीप जैन आदित्य, आराधना मिश्रा आदि ने सुझाव दिया कि प्रदेष में अभी तक बीते माह में जिले और नगर का ही संगठन खड़ा हो पाया है। ब्लाक और गांव का संगठन कब खड़ा होगा। इस तरह चला तो2020 के विधानसभा चुनाव आ जाएंगे और गांव गांव तक संगठन खड़ा नहीं हो पाएगा। सभी ने इस पर गहरी चिंता जताई कि कांग्रेस का ब्राह्मण वोटर जब वापस आएगा। तब उसे देखकर दलित और मुस्लिम वोटर भी वापस आएगा। इसलिए ऐसे कार्यक्रम बनाए जाएं जिससे कांग्रेस का मूल वोट बैंक जल्दी से जल्दी वापस आए। एडवाइजरी कमेटी के सभी सदस्यों की राय थी कि जिस दिन कांगे्रस का मूल वोट बैंक वापस आ जाएगा। उसे देष और प्रदेष की सत्ता में वापस आने से कोई नहीं रोक पाएगा।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126