फर्जी दस्तावेज से बने विकास दुबे समेत 14 के असलहा लाइसेंस, अब होगी कार्रवाई

कुख्यात अपराधी विकास दुबे.फाइल फोटो.

कानपुर: एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे समेत उसके परिजन व करीबियों ने फर्जी दस्तावेज और जानकारी छुपाकर असलहा लाइसेंस पास कराया था। तत्कालीन अफसरों व कर्मचारियों ने आंख बंद करके असलहा स्वीकृत कर दिए, जबकि कई-कई मामले दर्ज थे। एसआईटी ने जांच करके सभी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। डीएम की ओर से फर्जी शपथ-पत्र देने वाले 14 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया गया है। वहीं तत्कालीन तीनों शस्त्र लिपिकों पर भी कार्रवाई होगी।
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे, जय बाजपेई समेत उनके परिजनों पर कई-कई मामले दर्ज हैं। सभी कई अनैतिक कामों में लिप्त हैं। ऐसे में सभी ने दर्ज मामलों और आम छवि को छुपाकर फर्जी शपथ-पत्र से असलहा लाइसेंस स्वीकृति के लिए दिए थे। दिए गए दस्तावेजों की जांच कराए बिना पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने रिपोर्ट लगाकर असलहा लाइसेंस स्वीकृत कर दिया। पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद एसआईटी ने सभी के असलहा लाइसेंस की जांच कराई तो शपथ-पत्र फर्जी निकले। अब एसआईटी ने शासन को फर्जीवाड़ा करने वाले सभी के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। आदेश आते ही जिला प्रशासन में खलबली मच गई है। एडीएम सिटी अतुल कुमार ने बताया कि एसआईटी की संस्तुति पर सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीआईजी की ओर से फर्जी शपथ-पत्र देने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
फर्जी वोटर आईडी से जय ने बनवाया पासपोर्ट
विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई ने फर्जी पासपोर्ट के जरिए 2012 व 2016 में फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाया था। जय बाजपेई की ओर से फर्जी वोटर आईडी लगाकर पासपोर्ट बनवाया गया। अब उसके खिलाफ अलग से फर्जीवाड़ा करने की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। दस्तावेजों की जांच में वोटर आईडी कार्ड भी फर्जी मिला है। अब अन्य दस्तावेज देखे जा रहे हैं।
तत्कालीन तीनों शस्त्र लिपिकों पर होगी कार्रवाई
एसआईटी की संस्तुति के बाद अब 2005 में कलेक्ट्रेट में तैनात रहे सभी शस्त्र लिपिकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। तत्कालीन प्रमुख दोनों शस्त्र लिपिक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सहायक शस्त्र लिपिक शैलेश त्रिवेदी वर्तमान समय में डीएम कोर्ट के पेशकार पद पर तैनात है। सभी के खिलाफ अब कार्रवाई प्रशासन की ओर से की जाएगी। इसकी जांच एडीएम सिटी स्तर पर हो रही है।
भाई ने फर्जी तरीके से असलहा छुड़वाया
विकास दुबे के छोटे भाई दीपक प्रकाश दुबे उर्फ दीपू का असलहा लखनऊ थाने के कृष्णा नगर में जब्त हो गया था। वहां भी आपराधिक इतिहास छुपाकर फर्जी तरीके से असलहे को निकलवा लिया गया था। उस मामले की जांच भी एसआईटी ने की है। उस पर भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
इन लोगों ने फर्जी शपथ-पत्र देकर लाइसेंस लिया
विकास दुबे, उसके पिता रामकुमारा दुबे, भाई दीपक दुबे उर्फ दीपू, बहू व प्रधान अंजलि दुबे, खजांची जयकांत बाजपेई, विष्णुपाल उर्फ जिलेदार, अमित उर्फ छोटे बउवा, दिनेश कुमार, रवींद्र कुमार, अखिलेश कुमार, आशुतोष त्रिपाठी, अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन व उसकी पत्नी कंचन।
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