बिक गई 70 साल पुरानी भारतीय मसाला कंपनी सनराइज, 2150 करोड़ रुपए में हुआ सौदा

सनराइज को सिगरेट, होटल और एमफसीजी दिग्गज कंपनी आईटीसी ने खरीदा
सनराइज पूर्वी भारत में मसालों की सबसे बड़ी कंपनी है

दिल्ली: तंबाकू, सिगरेट, होटल और एमफसीजी दिग्गज कंपनी आईटीसी ने मसाला कंपनी सनराइज फूड्स प्राइवेट को खरीद लिया है। आईटीसी के मुताबिक उसने सनराइज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (SFPL)के सारे शेयर 2,150 करोड़ रुपए में खरीदे हैं। पूरा सौदा कैश-फ्री, डेट-फ्री आधार पर हुआ है।

सनराइज की इक्विटी शेयर पूंजी का 100 प्रतिशत हिस्सा हासिल

आईटीसी ने कहा कि कंपनी ने 27 जुलाई, 2020 को सनराइज की इक्विटी शेयर पूंजी का 100 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर लिया है। इसके साथ ही अब सनराइज और उसकी दो सब्सिडियरी, सनराइज शीतग्रह प्राइवेट लिमिटेड और हॉबिट्स इंटरनेशनल फूड्स प्राइवेट लिमिटेड भी आईटीसी की स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी बन गई हैं। इससे पहले 24 मई को आईटीसी ने घोषणा की थी कि वह एसएफपीएल का अधिग्रहण करेगी।

70 साल पुराना ब्रांड है सनराइज

सनराइज पूर्वी भारत में मसालों की सबसे बड़ी कंपनी है। सनराइज 70 साल पुराना ब्रांड है। आईटीसी ने कहा है इसके आशीर्वाद रेंज के मसालों की तेलंगाना और आंध्र में काफी अच्छी मौजूदगी है। कंपनी हाई क्वालिटी मसालों की सबसे बड़ी उत्पादक और निर्यातक कंपनियों से एक है।

फिलहाल सनराइज के कोलकाता, आगरा, जयपुर और बीकानेर में फैक्ट्रियां हैं।सनराइज फूड्स के अधिग्रहण से आईटीसी देश के बड़े हिस्से में अपनी मौजूदगी और बढ़ा पाएगी। वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान सनराइज फूड्स का टर्नओवर 591.50 करोड़ रुपए का रहा था।

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