भारतीय स्टेट बैंक ने सिहारी में लगाया शिविर,ऋण योजनाओं की दी जानकारी

माधौगढ़-भारतीय स्टेट बैंक अब ग्राहकों और किसानों को अपने साथ जोड़ने के लिए उनके दरवाजों तक जा रही है। बैंक के आला अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें ऋण योजनाओं के बारे में जानकारी देकर अपने से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
सिहारी गांव में एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक,चीफ़ मैनेजर और डिप्टी मैनेजर ने ग्रामीणों और किसानों के बीच में शिविर लगाकर ऋण वितरण और केसीसी नवीनीकरण के बारे में जानकारी दी। क्षेत्रीय प्रबंधक प्रवीण अवस्थी ने कहा लोग साहूकार से कर्जा लेते हैं,उसके बाद परेशान होते हैं। बैंक महज 4 प्रतिशत ब्याज़ पर किसानों को ऋण देने का काम करती है। चीफ़ मैनेजर राजीव अवस्थी ने कहा कि बैंक अब किसानों और ग्रामीणों के प्रत्येक जरूरत के हिसाब से ऋण देने की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए अब लोगों को अपनी सिविल को सही रखनी पड़ेगी,क्योंकि सिविल खराब होने के बाद ऋण की पात्रता समाप्त होती है। डिप्टी मैनेजर पंकज मिश्रा ने ऋण योजनाओं के कागजातों और गोल्ड लोन,प्रॉपर्टी लोन,पर्सनल लोन,होम लोन,कार लोन,अटल पेंशन योजना और केसीसी डेयरी के बारे में बताया। पशुओं के पालन के लिए भी बैंक अब केसीसी बनाने का काम करती है। शाखा प्रबंधक अजय कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। शिविर के दौरान एफओ हेमंत कुमार और अभय सिंह ने बताया कि उन्हें 30 लाख 95 हज़ार 700 रुपये के केसीसी के प्रपोजल आये जबकि एग्री पॉलीहाउस का 40 लाख,कॉमर्शियल डेयरी के लिए 10 लाख और पांच केसीसी डेयरी के लिए 14 लाख के प्रपोजल बैंक को मिले हैं। इस दौरान अमर सिंह पूर्व प्रधानाचार्य, रंजीत सिंह पूर्व प्रधान,गुड्डू,सुनील सिंह राजावत आदि लोग थे।

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