मनरेगा की मजदूरी न मिलने पर दर्जनों मजदूरों ने नायाब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

उरई (जालौन)। सरकार द्वारा गरीबों किसानों व मजदूरों के लिए भले ही कई योजनाएं चलायी जा रही हों किन्तु योजनाओं की जमीनी हकीकत स्थितियों को बयां करने के लिए काफी हैं। दिन भर मेहनत मजदूरी कर पेट पालने वाले दर्जनों मजदूरों ने मनरेगा के अंतर्गत कार्य किया किन्तु खातों में मजदूरी का पैसा खातों में नहीं आया तो मजदूरों ने नायाब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मजदूरी दिलवाने की मांग की।
मामला विकास खण्ड महेवा के अंतर्गत ग्राम मंगरौल का है। ग्राम मंगरौल के निवासी सैकड़ो मजदूरों ने नायाब तहसीलदार राजेश पाल को सौंपे ज्ञापन में अवगत कराया कि हम लोगों ने कोरोना महामारी लॉकडाउन के दौरान अपने ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के अंतर्गत काम किया था। लेकिन अभी तक हम लोगों के द्वारा किये गये कार्य की मज़दूरी नही मिली। उन्होंने कहा कि जबकि सरकार द्वारा घोषणा की गई थी कि इस दौरान काम करने पर 202 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी मिलेगी, कुल 98 मजदूरों की मजदूरी बकाया है। जिसका 684548 रुपये भुगतान बकाया है। मजदूरों की शेष दिनों की मजदूरी अतिशीघ्र भुगतान कराने की मांग की। इस दौरान राजेश पाल, रविन्द्र, भीकम, मगन, शंकर, राजा बाबू, इंद्रपाल, अरविंद, तकदीर, नीरज, मनोज आदि दर्जनों मजदूर उपस्थित रहे।

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