माइनर ओवरफ्लो होने से खेतों में भरा पानी, सूचना के बाद भी नही जागा नहर विभा

उरई(जालौन)। जैसारी माइनर बुधवार देर रात ओवरफ्लो हो गई। माइनर में पानी इस कदर बड़ा की आसपास स्थित आधा दर्जन गांवों के खेत जलमग्न हो गए। जब सुबह किसान खेत पर पहुचे तो बोई गई हरे मटर के खेत पानी ले लबालब देख दंग रह गए।
खेतों की हालत देख उन्होंने फौरन ही नहर विभाग के अफसरों से सम्पर्क किया, लेकिन सूचना के बाद भी कोई भी अधिकारी मौके पर नही पहुचा। जिसके चलते सैकड़ो किसानों में रोष व्याप्त है। किसानों ने कहा है कि अगर नहर विभाग के अधिकारी थोड़ी सी भी सतर्कता दिखाते तो दर्जनों किसानों की सैकड़ो एकड़ की फसल बर्बाद होने से बच जाती। जनपद के किसान कई सालों से प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे है। डेढ़ माह से चल रही बेतवा प्रखंड नहर से निकली जैसारी माईनर ने बुधवार की रात को ऐसा कहर बरपाया कि ग्राम मुहम्मदाबाद, कुठौंदा, चिल्ली, कुसमिलिया, टिमरो आदि सहित आधा दर्जन गांवो में सैकड़ों एकड़ में बोई गई हरी मटर की फसल को जलमग्न कर बर्बाद कर दिया। किसानों में हाजी इसरार हुसैन, इरशाद हुसैन, लालू, कादिर अली, मुबीन अहमद, फकरुद्दीन अहमद, अब्दुल जब्बार, शमशाद खान आदि ने बताया कि जब उन्होंने सुबह खेत जलमग्न देखे तो होश उड़ गए और बिना देर किये नहर विभाग के अधिकारियों को फोन पर माइनर के ओवरफ्लो होने की जानकारी दी। लेकिन देर शाम तक कोई भी अधिकारी मौके पर नही पहुचा। किसानों ने बताया कि माइनर के ओवरफ्लो होने की आशंका होने पर सोमवार की शाम को ही नहर विभाग के अवर अभियंता और जेईई सहित बेलदार को सूचना दे दी गई थी। मगर इसके बाद भी विभाग द्वारा कोई सुनवाई नही किये जाने से इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा है।

नहर विभाग के बेलदार पन्नालाल ने बताया कि सोमवार की शाम को ग्राम इकलासपूरा के आधा दर्जन किसान असलहे और कुल्हाड़ियां लेकर आये थे और जैसारी माइनर में लगे बंधे को तोड़ गए थे। मना करने पर उन्होंने जान से मारकर नहर में बहा देने की धमकी दी थी। इससे माइनर ओवरफ्लो हो गई थी। इस मामले को लेकर सोमवार को ही विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया था। मगर उनकी तरफ से कोई जबाव नही दिया गया था। जिला प्रशासन और विभाग के उच्चाधिकारियों को चाहिए कि वह यहां पर दो सिपाहियों की ड्यूटी लगवाने जाए।

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