माफियाओं के खिलाफ सीएम योगी हुए बेहद आक्रामक

“महाबली” योगी के राज में योगी राज में ‘बाहुबली’ नहीं रहेंगे, मुख्तार, अतीक , आजम के बाद अगला इनका नंबर…

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बाहुबली अब योगी सरकार के निशाने पर हैं. प्रदेश में बाहुबल और अपराध के जरिए अवैध तरीके से जुटाई गई संपत्तियों के उपर पिछले कुछ दिनों से सरकार के निर्देश पर प्रशासन के हथौड़े लगातार चल रहे है. प्रदेश में अपराध और अपराधियों के हौसलों की बुलंदी को दिखाते कई महलनुमा भवन प्रशासन की कार्रवाई के बाद जमींदोज कर दिए गए. जिसमें सूबे के बड़े-बड़े बाहुबलियों की संपत्ति शामिल है. हाल में ही यूपी पुलिस ने बाहुबली मुख्तार अंसारी व अतीक अहमद के अलावा कई अन्य माफिया गुर्गों के आर्थिक मजबूती पर शिकंजा कसा है. पुलिस द्वारा लगातार एक के बाद एक बाहुबलियों के खिलाफ हो रही इस कार्रवाई से प्रदेश भर में हड़कंप मचा हुआ है. बाहुबलियों को भय सता रहा है कि आखिर यूपी सरकार के निशाने पर अब अगला बाहुबली कौन है जिसके उपर प्रशासन कार्रवाई करेगी…

माफियाओं पर कार्रवाई कर उनके आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त करने के कड़े निर्देश

दरअसल हाल में ही यूपी के अलग-अलग जिलों में बाहुबलियों के द्वारा अवैध तरीके से उगाई गई नामी और बेनामी संपत्तियों को प्रशासन के द्वारा नष्ट किया जा रहा है. कानपुर कांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी एडीजी जोन के साथ बैठक की थी. जिसमें उन्होंने सूबे के माफियाओं पर कार्रवाई कर उनके आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त करने के कड़े निर्देश दिए थे. जिसके तहत अब तेजी से यह अभियान चलाया जा रहा है.

उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की संपत्ति ध्वस्त

कुख्यातों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे उमर और अब्बास की दो मंजिला इमारत को लखनऊ प्रशासन ने गुरुवार की सुबह ध्वस्त कर दिया. इतना ही नहीं बल्कि शुक्रवार को अंसारी व उनके दो बेटों के उपर FIR भी दर्ज की गई हे.

मुख्तार अंसारी गैंग के गुर्गों पर भी शिकंजा 

वहीं मुख्तार अंसारी गैंग के रईस कुरैशी के अवैध तरीके से चल रहे बूचड़खाने को भी गिराकर जमीन में मिला दिया गया है. साथ ही मुख्तार अंसारी के गैंग में काम करने वाले अन्य गुर्गों पर भी सरकार की नजर बनी हुई है जिन्होंने गलत तरीके से बाहुबल के कारण संपत्ति अर्जित की. वाराणसी में माफिया मुख्तार अंसारी के गुर्गे प्रकाश मिश्र उर्फ झुन्ना पंडित की 58 लाख से अधिक की संपित्त गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त की थी इसके अलावा मुख्तार के करीबी मछली तस्कर रवींद्र निषाद उर्फ पप्पू की करीब पांच करोड़ रुपये की संपत्ति अब तक सील की जा चुकी है.

पूर्व सांसद व बाहुबली अतीक अहमद के करोड़ो की संपत्ति सीज,कुर्की

यूपी में बाहुबलियों की संपत्ति पर हो रही कार्रवाई में प्रशासन के निशाने पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर के पूर्व सांसद व बाहुबली अतीक अहमद भी रहे. स्थानीय पुलिस ने पूर्व सांसद की सात संपत्तियों की कुर्की की. वहीं करोड़ों की नामी-बेनामी संपत्तियों को सीज किया गया. तो जौनपुर में पूर्व सांसद उमाकांत यादव के बेटे दिनेशकांत यादव समेत गैंगेस्टर एक्ट के 11 आरोपितों की करीब साढ़े चार करोड़ की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई चल रही है.

सांसद आजम खान के हमसफर रिसोर्ट को तोड़ने के लिए नोटिस जारी

आजम खान की पत्नी और बेटे के स्वामित्व वाले ‘हमसफ़र’ रिसोर्ट का सफर शीघ्र हो सकता है समाप्त।

यह सिलसिला अब रूकता नहीं दिख रहा जहां लगातार अलग-अलग बाहुबलियों की अवैध संपत्ति पर हो रहे प्रहार के सिलसिले में अब रामपुर में सांसद आजम खान के हमसफर रिसोर्ट को तोड़ने के लिए नोटिस जारी हुई है.रामपुर विकास प्राधिकरण ने जिला पंचायत द्वारा जारी किए गए रिसोर्ट के नक्शे को अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर स्वीकृत करने और स्वीकृत नक्शे में दिए गए नियमों की अनदेखी करने पर नक्शे को निरस्त कर दिया है. साथ ही इनके ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं. जिसके बाद अब ग्रीन बेल्ट और सड़क की जमीन को कब्जा कर बनाए गए सपा सांसद आजम खां के हमसफर रिसोर्ट को अब ध्वस्त किया जाएगा.

जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर भी योगी सरकार की नजर

वहीं जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह 110 दिनों के बाद शुक्रवार को जेल से रिहा हो गए हैं. गुरुवार को धनंजय को हाईकोर्ट से शर्तों के साथ जमानत मिली है. नमामि गंगे प्रोजेक्ट के मैनेजर अभिनव सिंघल के अपहरण और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में धनंजय को दस मई को गिरफ्तार किया गया था. धनंजय सिंह ने जेल से निकलते ही राजनीति में सक्रिय होने और उनचुनाव लड़ने की बात की है. जिसके बाद अब सूबे की राजनीति में एक और नाम अभी चर्चे में बन चुका है.

इन बाहुबलियों पर प्रशासन की नजर…

वहीं बाहुबली मुख्तार अंसारी, व अतीक अहमद के साथ ही बृजेश कुमार सिंह उर्फ अरुण कुमार सिंह, उमेश राय उर्फ गौरा राय, त्रिभुवन सिंह उर्फ पवन कुमार, खान मुबारक, मु.सलीम, मु.सोहराब, मु.रुस्तम, ओम प्रकाश उर्फ बबलू श्रीवास्तव, संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा, सुंदर भाटी उर्फ नेताजी, अनिल दुजाना, अनिल भाटी, सिंहराज भाटी, सुशील उर्फ मूंछ व अंकित गुर्जर समेत अन्य कुख्यातों के उपर नजर बनाई जाने की खबर चर्चे में है.

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

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