म.प्र. के गवर्नर लालजी टंडन का लंबी बीमारी के बाद लखनऊ में हुआ निधन

फ़ाइल फ़ोटो

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11 जून से निजी अस्पताल में भर्ती होकर करा रहे थे इलाज

लखनऊ: भाजपा के दिग्गज नेता पूर्व मंत्री एवम मध्यप्रदेश के वर्तमान गवर्नर लालजी टंडन का मंगलवार को दुखद निधन हो गया। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके पुत्र आशुतोष टंडन उत्तरप्रदेश सरकार ने मंत्री भी हैं।

स्वर्गीय टंडन भाजपा से 2 बार एमएलसी तथा 3 बार लखनऊ से विधायक रहे हैं। श्री टंडन भाजपा के बड़े कद के नेता थे। तथा उन्हें उत्तरप्रदेश भाजपा में स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी का सर्वाधिक स्नेह हासिल था। जितनी बार स्वर्गीय अटल बिहारी ने लखनऊ से चुनाव लड़ा लालजी टंडन ही उनके अति विश्वास पात्र होने के कारण चुनाव एजेंट रहा करते थे। खासे मिलनसार तथा विपरीत परिस्थितियों को भी अपने पक्ष में ढालने के विशेषज्ञ माने जाने वाले स्वर्गीय टंडन को भाजपा और बसपा का गठबंधन कराके सरकार बनवाने का श्रेय दिया जाता है। यहां यह उल्लेखनीय है कि जब मायावती और भाजपा के बीच खासी कड़वाहट थी। तब एक चाणक्य की तरह स्वर्गीय लालजी टंडन ने रक्षाबंधन के दिन बसपा सुप्रीमो मायावती के घर जाकर उन्हें बहन बनाया था। तथा उनसे राखी बंधवाली थी। तब मायावती के तेवर भी भाजपा के लिए नरम हो गए थे। और भाई बहन के रिश्ते की मर्यादा के चलते भाजपा और बसपा के रूप में दलित और सवर्ण के नए समीकरणों का उत्तरप्रदेश में उदय हुआ था।

स्वर्गीय टंडन के निधन पर सरकार ने प्रदेश में एक दिन का अवकाश तथा तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान झंडे झुके रहेंगे। वहीं मध्यप्रदेश के चूंकि वे गवर्नर थे अतः वहां पांच दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। लालजी टंडन जैसे प्रतिभा के धनी कर्ण धार को खो देने से भाजपा की अपूर्णीय क्षति हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरी भाजपा शोक संतप्त हो गई है। सभी ने उनके प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

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