आरपीएफ के प्रभारी ने अपने चहेते बालू माफियाओं को छोड़ा
छोटे दुकानदारों को पकड़ा
मंडल रेल सुरक्षा बल के आयुक्त जेतिन बी राज ने दिए कड़े निर्देश
रेलवे की टूटी हुई दीवार बनाने को भी कहा
रेलवे की क्राइम ब्रांच की टीम ने घटना स्थल का किया निरीक्षण, मौके पर मिले बालू डम्प
अनिल शर्मा+संजय श्रीवास्तव+ बृज मोहन निरंजन

उरई(जालौन): यंग भारत की खबर का असर ये हुआ कि मंडलीय रेल सुरक्षा बल के आयुक्त जेतिन बी राज के कड़े निर्देश के चलते कल आरपीएफ के थाना प्रभारी, उप निरीक्षक राम अवतार के नेतृत्व में रेलवे की जमीन पर बालू और गिट्टी के डम्प के अतिक्रमण के विरुद्ध उन्हें अभियान चलाना पड़ा।

लेकिन वहां के छोटे दुकानदारों का कहना है कि आरपीएफ ने रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के नाम पर सिर्फ लीपा पोती की है। अपने चहेते बालू माफियाओं और बड़ी मछलियों पर हांथ ही नहीं डाला। छोटे मोटे दुकानदारों को पकड़कर कागजी खाना पुड़ी कर ली। यह खबर जब आज मंडलीय रेलवे सुरक्षा बल आयुक्त जेतिन बी राज के पास पहुंची तो उन्होंने रेलवे की क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर एस एन पाटीदार के नेतृत्व में आज गुरुवार को तीन सदस्यीय जांच दल भेजा। जिसने उरई रेलवे स्टेशन, माल गोदाम की सड़क से लेकर बेरी वाले बाबा तथा ओवर ब्रिज के पास तक रेलवे की जमीन पर जगह-जगह बालू और गिट्टी के ढेर लगे पाए। क्राइम ब्रांच की टीम ने पाया कि यहां अतिक्रमण किया गया है। जांच टीम के इंस्पेक्टर एस एन पाटीदार ने यंग भारत को बताया अपनी रिपोर्ट मंडल रेलवे सुरक्षा बक के आयुक्त को देंगे। उधर छोटे दुकानदारों ने जांच दल के सामने यह आरोप लगाया कि आरपीएफ के थाना प्रभारी, उप निरीक्षक राम अवतार की मिलीभगत बड़े अतिक्रमणकारियों और बड़े बालू माफियाओं से है। जिसके चलते जैसे ही ऊपर के बड़े अधिकारी के फोन पर कड़े निर्देश आते हैं। स्थानीय आरपीएफ थोड़ा मोड़ा अतिक्रमण हटाकर खाना पूरी कर लेते हैं। आज क्राइम ब्रांच की जांच टीम ने ये परखा और पाया है कि रेलवे की जमीन पर बालू माफिया बालू और गिट्टी को डम्प कर देते हैं। वे अपनी ट्रैक्टर ट्रालियों, डम्पर से धड़ल्ले से आरपीएफ की मिलीभगत से व्यापार करते हैं। जिससे रेलवे को लाखों के राजस्व का नुकसान होता है। कल ऐसा ही एक अभियान आरपीएफ ने चलाया था। जिसमे 7 ऐसे लोगों का चालान कर दिया जो बालू और गिट्टी के अवैध कारोबार में लिप्त नहीं हैं। बाद में उन्हें भी आरपीएफ ने निजी मुचलके पर छोड़ दिया। जबकि तीन वाहनों को पकड़ा। उनका भी जुर्माना कर छोड़ दिया। लेकिन बालू और गिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियों और डम्परों को ना पकड़ा ना उनका चालान किया। सबसे बड़ी बात ये है कि क्राइम ब्रांच की टीम ने जब आज घटना स्थल का निरीक्षण किया तो रेलवे की जमीन पर बड़ी मात्रा बालू और गिट्टी डम्प की हुई मिली। उधर इस मामले में यंग भारत से बात करते हुए रेलवे सुरक्षा बल के आयुक्त जेतिन बी राज ने कहा कि चाहें कोई बालू माफिया हो या कोई अतिक्रमणकारी हो या आरपीएफ का विभागीय व्यक्ति हो जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

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