यूपी में पेशेवर अपराधों की बाढ़- खीज उठे योगी

विलाप करते परिजन

विलाप करते परिजन

पेशेवर जघन्य अपराधों का अखाड़ा बन गया है कानपुर
एक आईपीएस, एक पीपीएस सहित 10 पुलिस कर्मी निलंबित, एडीजी को सौंपी गई जांच
अपहरण वाले दिन ही मार दिया गया था संजीत यादव
मित्रों ने ही किया था अपहरण
पीड़ित परिवार का लड़का भी गया 30 लाख भी गए, बातें बनाते रहे पुलिस अधिकारी
गोंडा में भी घटी बड़ी घटना- गोंडा के राजेश बीड़ी मालिक के 6 वर्षीय पौत्र का अपहरण, मांगी 4 करोड़ की फिरौती

कानपुर/गोंडा: कानपुर के बर्रा से लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के अपहरण व हत्या मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कानपुर के एएसपी व सीओ सहित 10 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच एडीजी बीपी जोगदंड को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री योगी के आदेश के बाद वह तुरंत कानपुर पहुंचे।

पांडु नदी में संजीत के शव को ढूंढते परिजन
पांडु नदी में संजीत के शव को ढूंढते परिजन

मामले में एक आईपीएस अधिकारी (एएसपी), एक पीपीएस अधिकारी (सीओ), एक निरीक्षक, दो उप निरीक्षक और पांच सिपाही हैं जिन पर कार्रवाई की गई है।
बता दें कि कानपुर के बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी।
इसके बाद पुलिस को चकमा देकर 13 जुलाई को 30 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी। बृहस्पतिवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था। उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा है। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे पर लाया। इसके बाद उसे बंधक बना लिया।

चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसे बंधक बनाए रखा। इसके बाद 26 जून को कुलदीप ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी। इसके बाद कुलदीप शव को अपनी कार में रखकर पांडु नदी में फेंक आया। इस घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जनपद गोंडा के निवासी प्रख्यात राजेश बीड़ी के मालिक के 6 वर्षीय पौत्र के अपहरण कर लिए जाने की सनसनी खेज खबर प्राप्त हुई है। बदमाशों ने 4 करोड़ रुपए फिरौती देने की मांग की है। खबर की डिटेल की प्रतीक्षा है।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

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