यूपी में बेटियों की इज्जत और जान है भगवान के भरोसे

पिता ने कहा यह मर्डर है

पुलिस ने छेड़खानी से किया इनकार

सुदीक्षा के पिता ने कहा- पुलिस ने न ही हमसे संपर्क किया, न ही मामले में एफआईआर दर्ज की गई है

अपर पुलिस अधीक्षक ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि मृतका के भाई ने नहीं बताई छेड़खानी का बात

बुलंदशहर: सुदीक्षा उम्र में महज 18-19 साल की थी लेकिन उसके सपने बड़े थे। समाज में बदलाव लाने के लिए वह कुछ करना चाहती थी लेकिन मनचलों की कायराना हरकत एक झटके में सब खत्म कर दिया। अपने भाई के साथ मामा के घर जा रही बुलंदशहर की सुदीक्षा भाटी की छेड़खानी के दौरान बाइक से गिरने से मौत हो गई। पुलिस इसे महज रोड ऐक्सिडेंट का मामला बता रही है। वहीं छात्रा के पिता का कहना है कि यह ऐक्सिडेंट नहीं मर्डर है। 

सुदीक्षा के पिता जीतेंद्र भाटी ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, पुलिस ने अब तक हमसे कोई संपर्क नहीं किया। न ही मामले में एफआईआर दर्ज की। पुलिस मौके पर भी गई थी और सब पता है कि क्या हुआ था फिर क्यों नहीं एफआईआर दर्ज की गई। जीतेंद्र भाटी ने आगे कहा, पुलिस इसे रोड ऐक्सिडेंट बता रही है लेकिन यह ऐक्सिडेंट हुआ नहीं बल्कि कराया गया है। यह जानबूझकर मर्डर है लेकिन एक भी आरोपी अभी तक पकड़ा नहीं गया।

वहीं बुलंदशहर पुलिस के अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘औरंगाबाद थाना पुलिस को एक सूचना मिली थी कि एक रोड ऐक्सिडेंट हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंची। वहां पता चला कि सुदीक्षा अपने भाई के साथ मामा के घर जा रही थी, वहां पर यह ऐक्सिडेंट हुआ। भाई और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की गई कि उन्होंने बताया कि सामने से एक बुलेट मोटरसाइकल जा रही थी।

पुलिस ने आगे बताया,’ट्रैफिक के कारण बुलेट मोटरसाइकल ने ब्रेक लिया, ब्रेक के कारण मोटरसाइकल भाई-बहन की गाड़ी से टकराई। टकराने के बाद लड़की की गिरने से दुखद मौत हो गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और कार्यवाही जारी है। उस वक्त लड़की के भाई या किसी ने भी छेड़छाड़ की बात नहीं बताई थी।

बुलंदशहर पुलिस ने छात्रा के भाई का बयान भी जारी किया, जिसमें वह कह रहा है, ‘हम आ रहे थे 30 की स्पीड से, दीदी कह रही थी कि पहले गांव चले मामा के पास, मैंने कहा कि दीदी पहले घर चलते हैं। दीदी बोली ठीक है, मामा से बात भी हो गई। फिर एक गाड़ी ने इमर्जेंसी ब्रेक मारी, हमारी 30 की स्पीड की गाड़ी थी, दीदी सड़क पर गिर गई। वह बाइक बुलेट थी और उस पर जाट लिखा हुआ था।

आपको बता दें कि सुदीक्षा भाटी अमेरिका के बॉबसन कॉलेज से पढ़ाई कर रही थीं। उन्हें 3.8 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली थी। डेरी स्कनर गांव के रहने वाले चाय विक्रेता जीतेंद्र भाटी की बेटी सुदीक्षा भाटी ने HCL फाउंडेशन के स्कूल विद्या ज्ञान से पढ़ाई की थी। 2018 की सीबीएसई बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में सुदीक्षा ने 98 प्रतिशत नंबर हासिल किए। फिर सुदीक्षा को अमेरिका के बॉबसन कॉलेज से आगे की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली। उनके प्रिसिंपल ने बताया, ‘अपने गांव की शायद पहली लड़की थी जो ऐसी शिक्षा ले रही थी। छुट्टी में घर आकर दूसरे बच्चों को पढ़ाती थी। उसकी सोच बहुत क्लियर थी, वह परिवर्तन लाना चाहती थी।’

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126