राज्यसभा चुनाव में चुनकर पहुंचे माननीयों में 26 प्रतिशत दागी

74.04 करोड़ औसत संपत्ति है सांसदों की
18 प्रतिशत के ऊपर गंभीर आपराधिक मामले
अनिल शर्मा+संजय श्रीवास्तव+डॉ. राकेश द्विवेदी
दिल्ली: भारतीय संविधान में राज्यसभा को अपर हाउस या उच्च सदन कहा जाता है। आजादी के बाद से उच्च सदन में समाज के बुद्धिजीवियों, अपने क्षेत्रों के विशेषज्ञों को राज्यसभा में भेजने की परंपरा रही है। पिछले दो दशकों से ये परंपरा टूटी है। हद्द तो अब हो गयी कि जब उच्च सदन में भी अपराधियों का बोलबाला हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग एवं ए.डी.आर की रिपोर्ट के अनुसार ऐसे सांसद चुनकर पहुंचे हैं। जिनके ऊपर हत्या, बलात्कार, लूट और चोरी सहित गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा था कि जिनके ऊपर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं ऐसे लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। लेकिन राज्यसभा में भी गंभीर अपराधों के आरोपी बड़ी तादाद में पहुंच गए। जिसमे सभी दलों के प्रत्याशी हैं। एडी.आर की रिपोर्ट में बताया गया है कि अभी हाल में हुए कुल 62 राज्यसभा सीटों के चुनाव मे 84 प्रतिशत करोड़पति हैं। अपराध और पूंजी का राजनीति में बढ़ता प्रभाव, लोकतंत्र के लिए घातक है। भाजपा में 11 प्रतिशत आपराधिक मामलों के आरोपी सांसद चुने गए हैं। जबकि कांग्रेस में 33 प्रतिशत सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसी तरह एन.सी.पी में 100 प्रतिशत, वाई.एस.आर.सी.पी में 25 प्रतिशत, डी.एम.के, आर.जे.डी में 50 प्रतिशत, जे.डी.यू में 50 प्रतिशत, आर.पी.आई में 100 प्रतिशत और निर्दलीय प्रत्याशियों में भी 100 प्रतिशत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसी तरह संपत्ति के मामले में आंध्रप्रदेश में वाई.एस.आर.सी.पी के सांसद आला अयोध्या रामी रेड्डी ने अपनी कुल संपत्ति 25 अरब 18 करोड़ 44 लाख 63 हजार 30 रुपए की बताई है। दूसरे नम्बर पर इसी पार्टी के ही सांसद नाथवानी परिमल ने अपनी कुल संपत्ति 396 करोड़ रुपए बताई है। जबकि तीसरे नम्बर पर भाजपा के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं। जिन्होंने अपनी कुल संपत्ति 379 करोड़ रुपए बताई है। इसी तरह सबसे कम संपत्ति जिन्होंने बताई है उनमें भाजपा के मणिपुर के सांसद सनाजोबा लेसम्बा हैं। इन्होंने अपनी कुल संपत्ति 5 लाख बताई है। इसी तरह कर्नाटक प्रदेश से भाजपा के सांसद चुने गए अशोक गस्ती ने अपनी कुल संपत्ति 19 लाख बताई है। जबकि वेस्ट बंगाल की तृणमूल कांग्रेस की सांसद अर्पिता घोष ने अपनी कुल संपत्ति 23 लाख रुपए बताई है। सभी चुने गए सांसदों में से 16 प्रतिशत कक्षा 8 से लेकर कक्षा 12 तक पास हैं। जबकि 50 प्रतिशत सांसद स्नातक हैं, 23 प्रतिशत पोस्ट ग्रेजुएट हैं। जबकि 10 प्रतिशत डॉक्टरेट हैं। और डिप्लोमा धारी मात्र एक सांसद है। राज्यसभा में चुने गए माननीयों की यह है बौद्धिकता का स्तर। इस उच्च सदन में पहले देश के नामी गिरामी विद्वान तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ पहुंचते थे। अब उनकी जगह धन्ना सेठ और गंभीर अपराधों के आरोपी पहुंच रहे हैं।
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