राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त और उनके भाई की प्रतिमा एक साथ पार्क में लगेगी

झांसी: शहर के मैथिलीशरण गुप्त पार्क में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त और उनके भाई सियारामशरण गुप्त की प्रतिमा एक साथ स्थापित की जाएगी. नगर निगम के पार्क में स्थानीय सामाजिक संस्था इन दोनों साहित्यकारों की मूर्तियां लगवा रही हैं और इसके लिए मूर्तियों के निर्माण का काम बहुत जल्द पूरा हो जाएगा.
राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के भाई भी थे साहित्यकार
झांसी के चिरगांव कस्बे में जन्मे राष्ट्रकवि मैथिलीशरण ख्याति प्राप्त साहित्यकार रहे हैं. उनके भाई सियारामशरण गुप्त भी साहित्यकार थे. राष्ट्रकवि के सम्मान में झांसी नगर निगम ने कुछ वर्ष पहले शहर में भव्य पार्क का निर्माण उनके नाम पर कराया था, लेकिन पार्क में उनकी एक भी प्रतिमा स्थापित नहीं की गई थी.
नगर निगम ने दी अनुमति
ऐसे में जिले की एकसामाजिक संस्था ने नगर निगम से राष्ट्रकवि और उनके भाई सियारामशरण गुप्त की प्रतिमा पार्क में स्थापित करने की अनुमति मांगी. जिसके बाद नगर निगम सदन ने इस बात की अनुमति दे दी. अनुमति मिलने के बाद पार्क में मूर्ति लगाने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई हैं और बहुत जल्द यहां दोनों साहित्यकारों की प्रतिमाएं स्थापित हो जायेंगी.
भाईचारे का देंगे संदेश
गहोई वैश्य पंचायत के अध्यक्ष प्रकाश गुप्ता के मुताबिक झांसी के साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों के मन में यह बात थी कि इतने बड़े शहर में कहीं भी राष्ट्रकवि की मूर्ति नहीं लगी है. हमने नगर निगम को प्रस्ताव दिया कि यदि अनुमति मिल जाये तो हम राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त पार्क में भव्य मूर्ति स्थापित करेंगे. अनुमति मिल जाने के बाद पार्क में काम चालू है. दोनों भाइयों की मूर्तियां एक साथ लगाकर हम समाज को भाईचारे का भी संदेश देने का प्रयास करेंगे.
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