राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने विरोध प्रकट करते हुए सौंपा ज्ञापन

उरई (जालौन)। आनंदपाल एनकाउंटर के बाद राजपूत समाज के चौबीस सामाजिक नेताओं को दंगों का आरोपी घोषित कराने के खिलाफ श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने विरोध प्रकट करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराने एवं दंगे के फर्जी मुकदमे को वापस लेने की मांग की है।
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र सिंह सेंगर ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर बताया कि आनंदपाल एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराने की मंाग को लेकर सभी समाज के लोग सांवसद में एकत्रित हुए और पुलिस द्वारा एकत्रित लोगों पर गोलीबारी की गई जिसमें राजपूत समाज के दो लोगों की मृत्यु हो गई। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी सहित चौबीस व्यक्तियों को दंगे का दोषी घोषित कर दिया गया जो गलत है। सुखदेव सिंह सहित चौबीस राजपूत समाज के नेताओं ने सच और न्याय के लिए प्रदर्शन किया था जो संपूर्ण रूप से शांतिपूर्वक था मगर पुलिस ने सरकार के दबाव में गोलीबारी की जिससे लोग अपनी जान बचाने के चक्कर में इधर उधर भागने लगे। सीबीआई को जांच तो आनंदपाल के फर्जी एनकाउंटर की करनी थी मगर न्याय के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति को ही दंगे का दोषी ठहरा दिया गया। सेना के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से चौबीस सामाजिक नेताओं पर झूठे मुकदमों को तुरंत खत्म करने की मांग की है। साथ ही एेसा न होने की दशा में धरना प्रदर्शन की भी बात कही है। इस मौके पर जिला संगठन मंत्री कौशलेंद्र राजावत, सचिन राजावत आदि मौजूद रहे।

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