रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

कोरोना टेस्ट को लेकर खड़े किए थे सवाल

सोशल मीडिया पर कोरोना को लेकर भ्रम फैलाने को लेकर 11 जून को हजरतगंज पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा

महामारी एक्ट के तहत दर्ज हुआ था मुकदमा, एसपी सिंह ने कहा था- सत्य पक्ष सत्ता पक्ष पर भारी पड़ेगा

रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ दर्ज महामारी एक्ट के मामले में हजरतगंज पुलिस ने अपनी चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी है। सिंह ने यूपी में कोरोना टेस्टिंग और केस की रिपोर्टिंग को लेकर ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधा था। इसके बाद महामारी के प्रति समाज में भ्रम फैलाने के आरोप में 11 जून को आईएएस सिंह के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।

पुलिस ने चार्जशीट में एसपी सिंह पर कोरोना को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप है। लिखा गया है कि, उनके कई ट्वीट से समाज में कोरोना बीमारी को लेकर डर का माहौल बना है। वहीं, एसपी सिंह का कहना है मुझे आठ अगस्त की रात साढ़े दस बजे 41ए की नोटिस देने पुलिस घर आई थी। मेरा जबाव लिए बगैर ही चार्जशीट दाखिल कर दिया गया है।

कोरोना टेस्ट को लेकर खड़े किए थे सवाल?

एसपी सिंह ने 10 जून को ट्वीट करके चीफ सेकेट्री से पूछा था- “सीएम योगी की टीम-11 की मीटिंग के बाद क्या मुख्य सचिव ने ज्यादा कोरोना टेस्ट कराने वाले डीएम को हड़काया कि क्यों इतनी तेजी पकड़े हो, क्या ईनाम पाना है।” इस पोस्ट के बाद उनके खिलाफ सचिवालय चौकी प्रभारी की तहरीर पर महामारी एक्ट 188, 505 के तहत की गई थी।

केस दर्ज होने के बाद सूर्य प्रताप सिंह ने कहा था कि, मैं सीएम योगी और यूपी पुलिस से कहना चाहता हूं कि मुझ पर किए गए मुकदमे की कॉपी मुझ तक पहुंचाने का कष्ट करें। मैं इस पूरे प्रकरण पर प्रेस कांफ्रेंस कर सभी मुद्दों पर जवाब दूंगा और सरकार से मेरे कुछ सवाल हैं उन्हें जनता के समक्ष रखूंगा। सत्य पक्ष सत्ता पक्ष पर भारी पड़ेगा।

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