रोडबेज डिपो उरई के एआरएम द्वारा परिचालक को प्रताड़ित करने एवं आत्महत्या के लिये उकसाने के कारण डाई पीकर कंडक्टर ने किया आत्महत्या का प्रयास

अफसरशाही का अडडा बना रोडबेज डिपो

पीड़ित परिचालक के उपस्थित होने के बाबजूद भी गैर हाजिरी लगा देने का आरोप
एआरएम के.एन चैधरी एवं उसके गलत कामों मे सहयोगी बने दांए और बांए हांथ बाबू उदय गोयल एवं आर के कटियार से त्रस्त है कर्मचारी
लगातार परेशान करने के कारण जमील ने पी ली डाई
समय पर कानपुर मेडिकल कालेज रेफर हो जाने के कारण बच सकी जान
उरई(जालौन)। अफसरशाही की जकड़ मे शिसक रहा उरई डिपो के एआरएम के.एन चैधरी एवं उसके लेन देन मे हिस्सेदार बने बाबूओं की प्रताड़ना से कर्मचारियों मे हाहाकार की स्थिति। अपने इकलौते पुत्र कंडक्टर जमील की वृद्व मां ने “यंग भारत” को तमाम शिकायती पत्र सौपते हुए जो कहानी सुनायी उसके अनुसार जमील को प्रताड़ित करने का अभियान तो पुराना है। मगर बीती 13 नवम्बर को उसके प्राणों पर तब बन आयी जब एआरएम और उसके खासम खास बाबू उदय गोयल एवं आर के कटियार द्वारा हाजिर होने के बाबजूद जमील की गैर हाजिरी लगा दी गयी और जब उसने इसका कारण पूछता तो स्वयं एआरएम ने जमील को न सिर्फ बुरी तरह बेइज्जत किया बल्कि आत्महत्या कर लेने के लिये उकसाया भी। ऐसे आरोपों के चलते जहां उरई डिपो और उसके अधिकांश कर्मचारियों की हालत अपनी बसों की तरह जर्जर है। मगर एआरएम और उसके खासम खास भ्रष्टाचारी बाबू मालामाल हो रहे है।
प्रताड़ना से क्षुब्द होकर डाई पी लेने वाला कंडक्टर जमील
जमील की वृद्व मां द्वारा पुलिस अधीक्षक जालौन डा.यशवीर सिंह को जो तहरीर दी गयी है। उसके विवरण के अनुसार प्रार्थी मु.जमील परिवहन निगम उरई डिपो मे परिचालक है। उरई डिपो के एएआरएम के.एन चैधरी मेरे पुत्र को तरह तरह से धमकी देकर और उसके विरूद्व कार्यवाहियां करते है। जिससे एआरएम चैधरी के साथ बाबू उदय गोयल और आर के कटियार, एआरएम के साथ बराबरी से मेरे पुत्र को परेशान करते है। जिससे मेरा पुत्र परेशान रहता था। मुझे इन लोगो के बारे मे बताया करता था। बीती 13 नवम्बर को मेरो पुत्र जमील डयूटी पर गया तो उपस्थित होने के बाबजूद गैर हाजरी लगा दी गयी। इस पर मेरे पुत्र पुत्र अनापत्ति की तो आर के कटियार ने उसे उल्टा सीधा कहते हुए आत्महत्या के लिये विवश किया और उकसाते हुए डाई की पुड़िया उसके उपर फैंकते हुए खा लेने की चुनौती दी। प्रार्थी के पुत्र ने उकसाने पर डाई पी ली। जिससे उसकी हालत गंभीर है और किसी के द्वारा पुलिस को खबर कर देने पर उसे जिला अस्पताल इमरजेंसी उरई मे भर्ती कराया गया था। यह मामला प्रार्थिर्नी के पुत्र की हत्या करने जैसी साजिश है। जिसके लिये परिवहन निगम उरई डिपो के एआरएम, बाबू उदय गोयल एवं बाबू आर के कटियार जिम्मेदार है। इनके विरूद्व मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें। मगर एआरएम की सांठ गांठ के चलते अभी तक उक्त घटना की न तो एफआईआर दर्ज हुयी और न ही अन्य कोई कार्रवाई हो सकी। यही नही हैरतअंगेज तथ्य तो यह है कि एआरएम और उसके गुर्गे उरई डिपो मे पूरी तरह से भ्रष्टाचार का तांडव कर रहे है और जो इनके विरूद्व मौखिक या लिखित शिकायत करता है उसका जमील जैसा ही हस्र किया जाता है। “यंग भारत” को उरई के रोडबेज डिपो के गौरखधंधो के संबंध मे जो लिखित जानकारी प्राप्त हुयी है उसके मुताबिक उक्त डिपो सरकारी की तरह नही निजी कारखाने की तरह चलाया जा रहा है। इसके चलते यहां तैनात अधिकारी और उनसे मिली भगत रखने वाले कर्मचारी भ्रष्टाचार के जरिए भारी धन कमा रहे है। पूर्व मे भी अनेक पीड़ित कर्मचारियों ने इनकी शिकायतें लिखित रूप से उच्चाधिकारियों को की है। मगर सेंटिग और गेंटिग मे माहिर डिपो के अधिकारी और कर्मचारी अपनी खाउ कमाउ नीति को जारी रखने के लिये कहते है कि उपर भी पैसा पहुंचाते है। प्राप्त विवरण के अनुसार पूर्व मे विजय पाल सिंह सीनियर फोरमैन से दुव्र्यवहार किया जाना, कुंज बिहारी जूनियर फोरमैन से दुव्यर्वहार किया जाना, संजय भदौरिया अक्षम परिचालक से किये गए दुव्र्यवहार के कारण उसे आॅन डयूटी हार्ट अटैक पड़ना तथा उसकी पत्नी द्वारा एसपी से शिकायत करना, लाॅकडाउन के दौरान प्रवासियों को घर तक पहुंचा रहे चालकों व परिचालकों मे बलरामपुर डिपो की बस के उरई आने पर उस बस के परिचालक अर्जुन सिंह से अमानवीय व्यवहार करना जिससे परिचालक अर्जुन सिंह का उरई डिपो प्रागंण मे बेहोश हो जाना। संविदा परिचालक रावेन्द्र प्रजापति से पैसे की मांग कराना, उसका इतना मानसिक उत्पीड़न करना कि उसके द्वारा आईजीआरएस मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री पोर्टल पर डालकर न्याय की गुहार करना तथा न्याय न मिलने पर आत्महत्या कर लेने जैसी बात करना, इस पर उसके वर्ष 2017 से जब तक के छोटे छोटे प्रकरण एकत्र कर सेवा से बाहर कर देने का नोटिस देना तथा नौकरी से निकाल देने का दवाव डालकर परिवाद वापस करा देना। शिव कुमार सिंह भदौरिया, शिवेन्द्र सिंह, दलवीर सिंह संविदा चालकों से पैसे की मांग करना, मां बहिन की गालियां देना, कार्यभार ग्रहण न कराना, बाद मे अनुपस्थित बताकर संविदा समाप्त कर देना, संजय भदौरिया की पत्नी द्वारा पुलिस अधीक्षक को शिकायत करने की अभिव्यक्ति पर अंकुश लगाते हुए संजय भदौरिया परिचालक को 8 माह तक कार्यमुक्त रखना फिर निजी स्वार्थ की पूर्ति कर कार्यभार ग्रहण करा लेना आदि शिकायतें शामिल है।

इतनी सारी शिकायतों के बाबजूद जिनमे अनेकों कर्मचारी प्रताड़ित किये गये है। अब तक कोई कार्रवाई नही की गयी। कारण यह है कि एआरएम और उसके कमाउपूत अवैध कमाई के बल पर नीचे से उपर तक सेंटिग बनाए हुए है और समय समय पर सभी उच्च पदाधिकारियों को भी “फीलगुड” कराते रहते है। जिसके परिणामस्वरूप उरई डिपो इनकी निजी संपत्ति बनकर रह गया है और उसमे कार्यरत वे कर्मचारी जो इनके गौरखधंधे मे शामिल नही है। उन्हें निरंतर प्रताड़ित किया जाता है।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.
सुझाव एवम शिकायत- प्रधानसम्पादक 9415055318(W), 8887963126