लाकडाउन के बीते कुछ महीनों ने प्रतिभाओं को दिये नये आयाम

गीत संगीत सहित कई विधाओं में उभरकर सामने आयी प्रतिभायें

सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने दिये मुकांम

उरई(जालौन)। कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण के हालातों में देश और प्रदेश की सरकारों दारा लगाया गये क्रमोत्तर लाकडाउन ने जहां आम और खास सभी की जिंदगी की रफतार पर विराम लगा दिया था तो वही अपने अपने घरों में कैद लोगो में छिपी प्रतिभाओं को भी निखरने का पूरा अवसर दिया। जिसके परिणाम यह रहे कि यकायक विभिन्य क्षेत्रों में दिलचश्पी रखने वाले हुनरमंद अपनी क्षमताओं को पूरें जज्बे और आत्म विश्वास के साथ निखारने में जुट गये। चैकाने वाली बात यह है कि इन प्रतिभाओं ने उम्र हालात और सामाजिक बंदिशों की भी परवाह न कर मन के रंग से बने चित्रों को उकेरने में कोई कसर नही छोडी।

देश में प्रतिभाओं की कमी नही है यह बात प्राय हर किसी की जुबान पर रहती थी लेकिन जिस तरह से बीते कुछ महीनों के दौरान यह स्वत प्रमाणित हुयी कम आश्चर्य की बात नही है देखा जा रहा है कि सोशल मीडिया पर इन दिनों अपने अपने हुनर दिखलाने की हौड मची हुयी है किसी न किसी अंदाज में लोग वह सब कुद दिखलाने को आतुर दिखलाई दे रहे है जो उनके अंदर दबा हुआ था। कोई संगीत के स्वर छेड़ रहा है तो कोई कलाक्रतियों के जरिये अपनी अभिव्यक्ति कर उसे अधिक से अधिक साझा करने में खुलकर सामने आ रहा है कुल मिलाकर कहा जाये कि कोई भी क्षेत्र अछूता नही है जहा प्रतिभायें अपना दमखम न दिखला रही हो । सोशल मीडिया ने लाक डाउन के दौरान लोगो की मानसिक अवस्था को संतुलित रखने में जो भूमिका निभाई वह बेहद ही सकारात्मक और अप्रत्याशित परिणाम लेकर आयी जब लोगो ने अपनी असाधारण प्रतिभा को दिखलाना शुरू किया। “यंग भारत” ने जब इस सामाजिक बदलाव को लेकर अलग अलग क्षेत्रों से जुडे लोगो से बात की तो अधिकांश ने स्वीकार किया की यह चमत्कारिक परिवर्तन उन्होने महसूस किया है । सियारानी इंटर कालेज बम्होरींकला के अध्यापक ठाकुरप्रसाद का कहना है कि लाक डाउन के दौरान लोगो को निजी जिंदगी को करीब से देखने और जानने के लिये बेहतर अवसर मिला जब उन्होने वैश्विक चिंताओं के बीच सकारात्मक सोच और जीवन की अनिश्चिता का गहरा अहसास कर बेहतर जीने का प्रयास किया तो जो कुछ उनके अंदर था वह बाहर निकल आया। बेसिक शिक्षा महकमें के जिला समन्वयक प्रशिक्षण विश्वनाथ दुबे ने बताया कि लाक डाउन के दौरान राज्य परियोजना के दिशा निर्देशानुसार मेरी उडान नाम से बच्चों की आन लाइन प्रतियोगिता कराई गयी थी जिसमें बच्चों ने जिस तरह से अपने हुनर दिखलाये वह बव्वों के सुदंर भविष्य की संभावनाओं को गढते है उनका कहना है कि बच्चों ने कोविड 19 के दौर में उसके संक्रमण से बचने की दिशा में बडी ही सकारात्मक अभिव्यक्तियां देकर लोगो की जगरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

नवांकुर से लेकर बुजुर्गो तक ने दिखाया जोश
“यंग भारत” ने यहां ऐसी प्रतिभाओं को भी सोशल प्लेटफार्म फेसबुक वाटस अप और यूटूब चैनल्स पर हुनर दिखलाते देखा है जिन्हें देखकर कोई भी दांतो तले उगली दबाने के लिये विवश हो जाये दुधमुंहे मासूमों के अभिनय और मनमोहक अभिव्यक्तियां बेजोड रही तो वहीं बुजुर्गो ने उनके प्रोत्साहन के साथ साथ अपनी कला अभिव्यक्ति की पिपासा शांत की कोई अनोखें अंदाज में गीत की प्रस्तुति का शौकीन दिखा तो कोई संगीत वाध्य यंत्रों पर स्वर लहरी विखेरेने में आगे आया कुल मिलाकर कहा जाये कि प्रतिभाओं ने नया इतिहास गढ दिया तो इस बात में कोई अतिश्योक्ति नही।

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