लापरवाही कहीं त्योहार की खुशियों में खलल न बन जायें

सोशल डिस्टेन्स और सर्तकता अब बेहद जरूरी

बच्चों और बुर्जुगों को जरूरत पर ही निकलने दे घर से

उरई(जालौन):  त्योहारों का दौर चल रहा है साथ ही कोरोना महामारी के संक्रमण के बढते आकडे़ ऐसे में जन मानस को किन बातों पर सर्वाधिक गौर करने की जरूरत है। इसी विषय को लेकर “यंग भारत” ने लोगो के जीवन की सुरक्षा को अपना सामाजिक नैतिक दायित्व मानते हुये अनुरोध करना जरूरी समझा। ताकि लोग पूरे उत्साह और खुशियों के बीच अपने त्योंहार मना सके।
गौरतलब हो कि पिछले कई माह से आम और खास सभी कोविड -19 के दुष्प्रभावों से जूझ रहे है। कोरोना वायरस के संक्रमण की रफतार तेजी से बढ़ी है। अच्छी बात यह रही कि इसकी चपेट में आने वालों में ठीक होने वालों की तादाद अधिक है। फिर भी लोगो को अपनी ओर से सर्तकता बरतनें में किसी भी तरह की ढ़िलाई बरतने की लापरवाही नही करनी चाहियें। जानकारों की मानें तो संक्रमण अभी थमा नही है और जब तक इसकी वैक्सीन लोगो तक नही पहुंचती तब तक हर किसी को अपने साथ साथ अपने परिवार और समाज के अन्य लोगो की जिंदगी की परवाह करते हुये सोशल डिस्टेन्स का पालन करना जरूरी है। यही नहीं सर्तकता से जुडी जो भी ऐतिहायत है मसलन मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलना और लगातार अपने हाथों को साबुन या सेनटाइजर से स्वच्छ रखना आदि को पूरी गंभीरता के साथ अमल में लाना होगा। ताकि हमारें त्योहारों की खुशियां फीकी न पड़ सकें। यहां देखा जा रहा है कि लोग कुछ दिनों से कोरोना के संक्रमण को लेकर वेपरवाह हो गये है। चेहरों पर मास्क कम दिखते है और तो और बाजारों अथवा सार्वजनिक स्थानों तथा समारोहों में भी सर्तकता का अभाव देखा जा रहा है। जो कि व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर बेहद चिंताजनक है। “यंग भारत” की सबको त्योंहारों की शुभकामनाओं के साथ-साथ अपील भी है कि त्यौहार खुशियां बाटने के लिये होते है। इसलिये स्वस्थ रहकर और को भी स्वस्थ बनाये रखने में अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभायें और पूरी सर्तकता के साथ त्योंहार मनाये।
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