लॉकडाउन से निखरी श्रमिकों की सृजनात्मकता

क्वारंटाइन को पहुँचे प्रवासी हुनरबाजों ने श्रमदान से कायाकल्प कर डाला स्कूल
प्रधानमन्त्री को मिली प्रेरणा हुनरबाजों से
संजय श्रीवास्तव+अनिल सिंदूर
लखनऊ: उप्र के जनपद उन्नाव विकास खंड अजगैन ग्राम पंचायत नारायनपुरा प्रवासी कोविड-19 महामारी के दौरान हैदराबाद से पैदल तथा विभिन्न संसाधनों से जब अपने गाँव पहुँचे तो उन्हें क्वारंटाइन स्थल प्राथमिक विद्यालय ले जाया गया। जब उन्होंने प्राथमिक विद्यालय की जीर्ण शीर्ण अवस्था देखी तो उन्होंने क्वारंटाइन स्थल की व्यवस्था देख रहे अधिकारी से कहा हम पेंटिंग का कार्य जानते हैं। यदि हमें संसाधन उपलब्ध करवा दें तो वह इस विद्यालय का कायाकल्प कर देंगे, संसाधन उपलब्ध होते ही उन्होंने विद्यालय को अपने श्रमदान से कायाकल्प कर डाला। हुनरवाज़ों का यह श्रमदान प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के लिए प्रेरणा श्रोत बन गया जिसका जिक्र 20 जून को वीडियो कोंफ्रेंसिंग में उन्होंने किया।
हैदराबाद से तीन युवक विनोद पुत्र घसीटे, अरुण पुत्र राजेश तथा कमलेश पुत्र लल्लू कोविड -19 महामारी के दौरान घर की याद आयी तो पैदल ही अपने गाँव नारायनपुरा चल दिए। कहीं किसी ट्रक ने 10-20 किलोमीटर को बैठा लिया बैठ गये नहीं तो पैदल ही चलते रहे। रुपए पैसे तथा मोबाईल तिलंगाना के जंगलों से जब गुजरे तभी लूट लिए गये। विनोद ने बताया कि दूसरा लॉकडाउन जब घोषित हुआ उसके दूसरे दिन ही दोनों साथियों के साथ वह पैदल गाँव को रवाना हुये। गाँव आते-आते 13 दिन लग गये। गाँव पहुँचते ही 14 दिन क्वारंटाइन को प्राथमिक विद्यालय नारायनपुरा रखे गये। जब प्राथमिक विद्यालय की दयनीय दशा देखी तो हम तीनों ने श्रमदान से प्राथमिक विद्यालय की दीवारों को नया रूप देने की ठानी। अपना प्रस्ताव क्वारंटाइन स्थल की व्यवस्था देख रहे बीडीओ केएन पाण्डेय को बतायी। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी धीरेन्द्र रावत तथा प्रधान राजू यादव को सभी संसाधन जुटाने को कहा। हम लोगों ने पुट्टी से दीवारों के गड्ढे भर कर पूरे विद्यालय की पेंटिंग कर डाली। दीवार लेखन का कार्य उसके बाद कराया गया।
सोशल मीडिया पर यह कार्य वीडियो के माध्यम से वायरल हुआ। वायरल वीडियो की भनक प्रधानमंत्री कार्यालय को लगी तो कार्यालय के अधिकारियों ने जिलाधिकारी रवीन्द्र जी को सत्यता परखने को कहा। जिलाधिकारी रवीन्द्र ने आनन् फानन में बीडीओ केएन पाण्डेय से वीडियो तथा फोटो पीएम्ओ कार्यालय भेजने को मांगे। जिलाधिकारी ने कहा कि उन्हें ये अपेक्षा नहीं थी कि श्रमदान के वायरल हुये वीडियो को पीएम्ओ देख रहा है और प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी वीडियो कोंफ्रेंसिंग में हमारे जनपद का जिक्र करेंगे।
वीडियो कोंफ्रेंसिंग में प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने उप्र के जनपद उन्नाव में क्वारंटाइन स्थल प्राथमिक विद्यालय नारायनपुरा का जिक्र करते हुये बताया कि उन्हें पीएम् गरीब कल्याण योजना की प्रेरणा उप्र के जनपद उन्नाव के क्वारंटाइन स्थल सरकारी विद्यालय की कायाकल्प करने वाले उन तीन श्रमिकों से मिली जो रंगाई-पुताई और पीओपी के कार्य में पारंगत थे। इन श्रमिकों ने क्वारंटाइन के दिनों का उपयोग करते हुये अपने श्रमदान से विद्यालय का कायाकल्प कर दिया। जैसे ही वीडियो कोंफ्रेंसिंग में उन्नाव का जिक्र प्रधानमन्त्री ने किया उन्नाव प्रशासन सकते में आ गया और जिलाधिकारी सहित जिले के आलाधिकारी ग्राम पंचायत नारायनपुरा पहुँच गये। जिलाधिकारी रवीन्द्र ने श्रमिक विनोद से मुलाकात की और उससे कहा गाँव में कुछ मदद चाहिये तो उसने कहा मेरे घर पर विद्युत् कनेक्शन नहीं है यदि हो सके तो करवा दें। जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से विद्युत् कनेक्शन करने की मंजूरी दे दी। मालूम हो कि विनोद प्रधानमन्त्री आवास योजना, शौचालय तथा उज्ज्वला योजना का लाभ ले रहा है। विनोद की पत्नी रामरती मनरेगा की जॉब कार्ड धारक है।
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