वहशी दुष्कर्मियों ने बालिका के साथ किया दानवीय जुल्म और दी नरक से भी बदतर मौत

13 वर्षीय दलित बालिका की गैंग रेप कर काट दी जीभ और आंखें फोड़ने का किया प्रयास, गर्दन में दुपट्टा बांधकर गन्ने के खेत मे मौत होने तक घसीटा घसीटा

अबलाओं को यदि बचाना है तो सरकार, समाज और पुलिस को नए सिरे से बनानी होगी कोई रणनीति

सामान्य पुलिसिंग से नियंत्रण होने वाला नहीं

दो गिरफ्तार-एसपी

प्रधानसम्पादक-संजय श्रीवास्तव

लखीमपुर खीरी के नेपाल से सटे गांव पकरिया में 13 वर्षीय बालिका के साथ गैंगरेप करके दानवीय दरिंदो ने न सिर्फ उसकी जीभ काट ली। बल्कि जुल की इन्तहां पार करते हुए उसकी आंखें फोड़ने का भी प्रयास किया। और उसी का दुपट्टा गर्दन में बांधकर बालिका को गन्ने के खेत मे तबतक घसीटा जबतक उसके प्राण नहीं निकल गए।

प्रदेश में जारी स्त्रियों और बालिकाओं पर घनघोर शारीरिक अत्याचार के इस दौर में यह घटना अच्छों के रोंगटे खड़े करने वाली है। इस लोमहर्षक कांड की खबर दूर दूर तक आग की तरह फैली। दलितों की सबसे बड़ी राजनैतिक हितैषी बसपा सुप्रीमो मायावती सहित पूरे विपक्ष ने इस कांड की प्रतिक्रिया में सरकार को जमकर कोसा। यही नहीं समूचे विपक्ष ने भाजपा सरकार के कार्यालय में हो रहे दुर्दांत अत्याचारों को स्त्रियों और बालिकाओं के लिए सबसे बुरा समय निरूपित करते हुए। किसी भी दशा में नारी जाति के शारीरिक शोषण पर तत्काल नियंत्रण करने की पुरजोर मांग शासन से की है। समाज इन घटनाओं को सुनकर जहां अपनी बहन और बेटियों को लेकर खासा सहमा हुआ है। वहीं केवल पुलिस पर भरोसा करके बैठे रहने से अब सुरक्षा होने वाली नहीं है। ऐसा भी लोग खुलेआम कह रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि बीते समय मे महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सामूहिक तथा निर्मम बलात्कार की घटनाओं की झड़ी लगी हुई है। हालांकि इस दौर में हर प्रकार का अपराध अपने चरम पर है। लेकिन पुरुष प्रधान समाज मे पुरुषों पर आश्रित अबलाओं पर राक्षसी प्रवर्ति के पुरुषों द्वारा जिस प्रकार का शारीरिक जुल्म किया जा रहा है। न सिर्फ बेहद दर्दनाक तथा अभूतपूर्व है।

लखीमपुर के पुलिस अधीक्षक ने यंग भारत को बताया कि उक्त घटना में दो लोगों को थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। और घटना के प्रत्येक बिंदु की गहनता से जांच की जा रही है।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

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