विधानसभा के सामने उत्पीड़न से त्रस्त माँ बेटी के द्वारा आग लगा लेने की घटना ने प्रदेश में कानून के पालन की असलियत को कर दिया नंगा

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अस्पताल में मरणासन्न है माँ और बुरी तरह जल चुकी है बेटी
कुल 7 निलंबित- अमेठी थानाध्यक्ष समेत 3 निलंबित, हजरतगंज चौकी इंचार्ज और दीवान समेत 4 पुलिसकर्मी भी निलंबित
शुक्रवार को माँ बेटी के आत्मदाह की कोशिश पर लखनऊ के पुलिस कमिश्नर ने दी सफाई, कहा उकसाकर करवाया गया है कांड
एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष समेत 2 गिरफ्तार, आपराधिक साजिश रचने के मामले में 4 पर केस दर्ज किया गया

लखनऊ: प्रदेश की राजधानी लखनऊ का विधानसभा भवन जहां जनता के कल्याण के कानून बनाये जाते हैं। वहां बने कानूनों से जनता को कितना संरक्षण मिल रहा है। इस सच्चाई को माँ बेटी के द्वारा विधान भवन के सामने ही आग लगाकर मरने के प्रयास की घटना ने प्रदेश में हो रहे कानून के पालन की जमीनी हकीकत को खोलकर रख दिया। इस मामले में राजधानी लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि यह एक आपराधिक साजिश थी। कुछ लोगों ने महिलाओं को उकसाया था।

पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय

इस मामले में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के जिलाध्यक्ष कादिर खान और कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अनूप पटेल समेत 4 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं, लापरवाही सामने आने पर हजरतगंज चौकी इंचार्ज समेत 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। कादिर और एक अन्य आरोपी आसमा को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है।

पुलिस का दावा- चार लोगों के उकसाने पर घटना हुई है।
पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था को भंग करने और सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गई है। आरोपी आसमा और सुल्तान साफिया और उसकी बेटी गुड़िया को अमेठी से लखनऊ लाए थे। दोनों अमेठी के जामो थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। यहां कबीर और अनूप ने उन्हें आत्मदाह के लिए उकसाया।

लोकभवन के सामने मां-बेटी ने खुद को आग लगाई थी। वे आग से घिरने से इधर-उधर भागने लगीं। मौके पर भीड़ जुट गई। मां-बेटी बुरी तरह झुलस गईं। पुलिस ने दोनों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। साफिया 80% से ज्यादा जल गई, जबकि गुड़िया करीब 20% जली है।

नाली को लेकर विवाद हुआ था
दोनों महिलाएं दबंगों पर पुलिस कार्रवाई न होने से परेशान थीं। आरोप है कि नाली को लेकर विवाद में दबंगों ने उन्हें पीटा था। जामो थाना पुलिस ने मामले में 9 मई को दोनों पक्षों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली थी।

पीड़ित महिलाओं का कहना था कि उनके साथ ज्यादती हुई है। इसके बाद दूसरे पक्ष की शिकायत पर पीड़ित को ही आरोपी बना दिया गया। दोनों न्याय के लिए महीनों से चक्कर काट रही थीं। अमेठी एसपी ख्याति गर्ग ने थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

पुलिस कमिश्नर कितनी भी सफाई दें और मामले को हल्का बताएं। मगर प्रदेश के क्षेत्रों में अधिकारियों द्वारा पीड़ित फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता। तथा कार्यवाही दबंगों पर नहीं अधिकांश मामलों में पीड़ितों पर ही की जाती है। यह सच्चाई भी उसी विधानसभा भवन के सामने उजागर हो गई। जहां जनकल्याण के कानून बनाये जाते हैं।

संजय श्रीवास्तव-प्रधानसम्पादक एवम स्वत्वाधिकारी, अनिल शर्मा- निदेशक, डॉ. राकेश द्विवेदी- सम्पादक, शिवम श्रीवास्तव- जी.एम.

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